




CBDT ने ITR की डेडलाइन बढ़ाकर 15 सितंबर 2025 कर दी है। समय रहते जरूरी दस्तावेज तैयार रखें ताकि बिना किसी गलती के रिटर्न भरा जा सके।
नई दिल्ली: आयकर रिटर्न (ITR) फाइल करना प्रत्येक करदाता की कानूनी जिम्मेदारी है। इस बार सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) ने बड़ी राहत देते हुए ITR फाइल करने की डेडलाइन 31 जुलाई से बढ़ाकर 15 सितंबर 2025 कर दी है।
हालांकि यह छूट केवल उन व्यक्तियों के लिए है जिनके खातों का ऑडिट आवश्यक नहीं है, जैसे कि वेतनभोगी कर्मचारी और पेंशनर्स। ऐसे में समय रहते ITR फाइलिंग की तैयारी कर लेना जरूरी है। यहां हम आपको बता रहे हैं कि कौन-कौन से डॉक्यूमेंट्स आपको ITR भरते समय अपने पास जरूर रखने चाहिए।
1. फॉर्म 16
यह डॉक्यूमेंट आपका एम्प्लॉयर (नियोक्ता) प्रदान करता है, जिसमें आपकी सालाना आय, TDS (टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स) और अन्य कर विवरण शामिल होते हैं। इससे यह सुनिश्चित करना आसान होता है कि पोर्टल पर दर्ज की गई जानकारी सही है।
2. फॉर्म 16A, 16B, 16C और 16D
फॉर्म 16A: इंश्योरेंस कमीशन और फिक्स्ड डिपॉजिट पर मिलने वाले ब्याज पर
फॉर्म 16B: 50 लाख से अधिक की संपत्ति खरीदने पर विक्रेता का TDS प्रमाणपत्र
फॉर्म 16C: ₹50,000 से अधिक किराया देने पर किरायेदार द्वारा मकान मालिक को
फॉर्म 16D: प्रोफेशनल सर्विस के लिए TDS डिडक्शन का प्रमाणपत्र
इन सभी फॉर्म्स की सहायता से आपकी अलग-अलग इनकम स्रोतों की जानकारी स्पष्ट रूप से सामने आती है।
3. AIS, TIS और फॉर्म 26AS
१. AIS (Annual Information Statement): बैंक ब्याज, एफडी, शेयर आदि की विस्तृत जानकारी
२. TIS (Taxpayer Information Summary): AIS का संक्षिप्त रूप
३. फॉर्म 26AS: टैक्स क्रेडिट स्टेटमेंट जिसमें TDS और TCS की जानकारी होती है
४. ये सभी दस्तावेज इनकम टैक्स पोर्टल पर उपलब्ध रहते हैं और रिटर्न भरने में बहुत मदद करते हैं।
4. कैपिटल गेन स्टेटमेंट
अगर आपने शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड, या अचल संपत्ति (Real Estate) में निवेश से कोई लाभ (Capital Gain) कमाया है, तो उसका विवरण देना जरूरी है। इसके लिए अपने ब्रोकर या AMC से कैपिटल गेन स्टेटमेंट जरूर प्राप्त करें।
5. बैंक स्टेटमेंट और इंटरेस्ट सर्टिफिकेट
बैंक सेविंग्स अकाउंट, एफडी, आरडी या पोस्ट ऑफिस योजनाओं पर मिलने वाले ब्याज का विवरण भी ITR में देना होता है। इसके लिए बैंक स्टेटमेंट और इंटरेस्ट सर्टिफिकेट तैयार रखें।
6. विदेशी आय या अनलिस्टेड शेयर
अगर आपके पास विदेशी बैंक अकाउंट, विदेशी कंपनी के शेयर, या भारतीय कंपनियों के अनलिस्टेड शेयर हैं, तो आपको इनकी पूरी जानकारी देनी होगी — भले ही आपकी कुल आय टैक्स छूट सीमा से कम ही क्यों न हो।
इसमें आपको शेयरों की संख्या, कंपनी का नाम और आपकी हिस्सेदारी का पूरा विवरण देना होगा।
अगर आप इन सभी दस्तावेजों को पहले से रेडी रखेंगे, तो ITR फाइल करते समय आपको किसी भी प्रकार की देरी, गलती या नोटिस का सामना नहीं करना पड़ेगा। डेडलाइन 15 सितंबर 2025 भले ही दूर लग रही हो, लेकिन सही योजना के बिना अंतिम समय में समस्या खड़ी हो सकती है।
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