




नई दिल्ली | 21 जुलाई 2025:
पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोमवार की रात अचानक राष्ट्रपति भवन पहुंचकर सभी को चौंका दिया। बिना पूर्व सूचना के वे रात 9 बजे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने पहुंचे और 25 मिनट के भीतर अपना इस्तीफा सौंप दिया।
संसद के मॉनसून सत्र की शुरुआत से ठीक पहले इस अप्रत्याशित घटनाक्रम ने राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का तूफान खड़ा कर दिया है। राष्ट्रपति भवन के स्टाफ को भी धनखड़ की अचानक उपस्थिति से हैरानी हुई, क्योंकि राष्ट्रपति से मिलने के लिए सामान्यतः पहले से अपॉइंटमेंट लेना होता है।
💥 क्या है इस्तीफे के पीछे की वजह?
कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि धनखड़ और सरकार के बीच संबंध बिगड़ चुके थे। उन्होंने यहां तक कहा कि “धनखड़ ने अपनी संवैधानिक सीमाओं को लांघा”, जिससे सरकार का विश्वास उनसे उठ गया और उन्होंने इस्तीफा देने का निर्णय लिया।
🏛️ संवैधानिक औपचारिकताएं और इस्तीफा
राष्ट्रपति से मुलाकात के दौरान धनखड़ ने प्रोटोकॉल तोड़ते हुए न केवल अचानक उपस्थिति दर्ज कराई, बल्कि बिना किसी पूर्व सूचना के संविधान के तहत अपना इस्तीफा सौंप दिया। रात 9:25 बजे उनके इस्तीफे की आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक की गई।
🏠 उपराष्ट्रपति एन्क्लेव से विदाई
धनखड़ अप्रैल 2024 में चर्च रोड स्थित उपराष्ट्रपति एन्क्लेव में शिफ्ट हुए थे। यह एन्क्लेव सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत बना था। अब उन्हें मात्र 15 महीने बाद इस सरकारी आवास को छोड़ना होगा।