




जम्मू कश्मीर में पिछले कुछ दिनों से जारी भारी बारिश ने राज्य में कई क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति पैदा कर दी है। इसके कारण यात्री और आम नागरिक दोनों प्रभावित हुए हैं, खासकर वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर। हजारों श्रद्धालु और आम यात्री जम्मू और कटरा में फंसे हुए हैं।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, जम्मू और आसपास के क्षेत्रों में पिछले 24 घंटों में तीव्र वर्षा दर्ज की गई, जिससे नदियों का जलस्तर बढ़ गया। तवी, चेनाब और बासंतर नदियों में उफान आया है, और कई सड़क मार्गों पर जलभराव और भूस्खलन हुआ है।
उत्तर रेलवे ने 58 ट्रेनों को रद्द कर दिया है, जबकि 64 ट्रेनों के मार्गों में बदलाव किया गया है। इसका असर हजारों यात्रियों पर पड़ा है, जो कटरा और जम्मू में फंसे हुए हैं। रेलवे प्रशासन ने विशेष ट्रेनें और बस सेवाएं चलाने की योजना बनाई है ताकि फंसे हुए यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुँचाया जा सके।
कटरा में स्थित वैष्णो देवी मंदिर की यात्रा मार्ग पर भूस्खलन और जलभराव के कारण यात्रियों की आवाजाही प्रभावित हुई। प्रशासन ने वैष्णो देवी यात्रा को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है। सुरक्षा कारणों से सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर शरण दी गई है।
जम्मू-कटरा हाईवे और अन्य प्रमुख सड़क मार्गों पर भूस्खलन और जलभराव के कारण यातायात बाधित हुआ है। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य के लिए सेना, NDRF और स्थानीय एजेंसियों को तैनात किया है। प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जा रहा है।
राज्य सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा शिविर और राहत सामग्री भेजी है। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने जनता से सतर्क रहने और नदियों के पास न जाने की सलाह दी है। प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री ने स्थिति की समीक्षा की है और हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है।
मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में भी भारी बारिश की संभावना जताई है। इसलिए यात्रियों और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आपातकालीन सेवाओं को तैनात किया गया है।