




बिहार के दरभंगा में आयोजित कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत मां हीराबेन मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल ने राजनीतिक माहौल में तूफान मचा दिया है। इस विवाद पर भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला किया, जबकि राहुल गांधी ने इसे लोकतंत्र और संविधान की रक्षा का मुद्दा बताया।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “सत्य और अहिंसा की रक्षा करेंगे, झूठ और हिंसा नहीं टिक सकते। जितना मारना-तोड़ना है, मारो-तोड़ो, हम सत्य और संविधान की रक्षा करते रहेंगे।” उनके इस बयान ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जोश भर दिया और भाजपा के हमलों का जवाब दिया।
भाजपा ने इस घटना को लेकर कांग्रेस पर हमला बोला। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “राहुल गांधी को मोदी जी और उनकी दिवंगत मां के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों के लिए माफी मांगनी चाहिए।” भाजपा नेताओं ने इसे राजनीति की सबसे निचली स्तर की घटना करार दिया।
दरभंगा में मंच पर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। हालांकि, राहुल गांधी और तेजस्वी यादव उस समय मंच पर नहीं थे। इस घटना के बाद पटना में भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़पें हुईं, जिसमें पथराव और नारेबाजी की घटनाएँ सामने आईं।
राहुल गांधी की यह यात्रा बिहार विधानसभा चुनाव से पहले वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए आयोजित की गई थी। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग और भाजपा ने मिलकर चुनावी प्रक्रिया में धांधली की है, जिससे गरीब, दलित, ओबीसी और अल्पसंख्यक वर्ग के मतदाताओं को नुकसान हुआ है।
इस विवाद ने विपक्षी एकता को और मजबूत किया है। कांग्रेस, राजद, और अन्य विपक्षी दल इस मुद्दे पर भाजपा को घेरने की योजना बना रहे हैं। आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में यह मुद्दा अहम बन सकता है, क्योंकि मतदाता इस पर अपनी राय बना सकते हैं।
राहुल गांधी का यह बयान और भाजपा की प्रतिक्रिया ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। सत्य और संविधान की रक्षा का मुद्दा अब चुनावी राजनीति का हिस्सा बन गया है। यह देखना दिलचस्प होगा कि आगामी दिनों में इस विवाद का राजनीतिक परिणाम क्या होता है और यह बिहार विधानसभा चुनाव पर किस हद तक असर डालता है।