




बॉलीवुड में हर साल दर्जनों नए चेहरे आते हैं, लेकिन बहुत कम कलाकार ऐसे होते हैं जो अपने पहले ही प्रोजेक्ट से दर्शकों का दिल जीत लेते हैं। Aneet Padda उन्हीं चुनिंदा कलाकारों में से एक बन गई हैं। 2025 में रिलीज़ हुई Saiyaara न केवल उनकी पहली बड़ी फिल्म थी, बल्कि इसने उन्हें देशभर में लोकप्रिय बना दिया।
फिल्म में उन्होंने Vaani Batra का किरदार निभाया—22 वर्षीय युवा पत्रकार, जो अपनी उम्र के सुनहरे दिनों का आनंद लेने के बजाय अल्ज़ाइमर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही है। यह किरदार एक साधारण लव स्टोरी का हिस्सा नहीं था, बल्कि गहरी भावनाओं, संघर्ष और वास्तविकता को दर्शाने वाला रोल था। इतनी कम उम्र में एक जटिल और चुनौतीपूर्ण किरदार निभाना आसान नहीं होता, लेकिन Aneet ने इसे जिस परिपक्वता और सहजता से निभाया, उसने उन्हें बाकी नए कलाकारों से अलग पहचान दिलाई।
यह भूमिका केवल अभिनय भर नहीं थी, बल्कि उनके निजी जीवन के अनुभवों से गहराई से जुड़ी हुई थी। Aneet के दादाजी खुद अल्ज़ाइमर के मरीज हैं, और जब उन्होंने इस किरदार को निभाया तो यह सिर्फ कैमरे के लिए नहीं, बल्कि अपने परिवार के लिए भी था। शायद यही वजह थी कि उनके अभिनय में सच्चाई और संवेदनशीलता साफ झलकती है।
1.वास्तविक जीवन का दर्द: दादाजी को अल्ज़ाइमर
इस किरदार की यथार्थता का कारण Padda की अपनी पारिवारिक पृष्ठभूमि है। उनके दादाजी अल्ज़ाइमर के शिकार हैं, और अब वे इतना आगे बढ़ चुके हैं कि अधिकांश चीज़ें भूल जाते हैं—यह उनके लिए इस फिल्म को और व्यक्तिगत, और दर्दनाक बना देता है।
उनका कहना है, “दिमाग भूल जाता है पर दिल कभी नहीं भूलता,”—यह पंक्ति दादाजी की ज़िंदगी का सार बयां करती है।
2. याद की चिंगारी: “Heeraput” और “Makkhan” की पुकार
वह बताते हैं, दादाजी अब उनका नाम नहीं याद रखते, लेकिन प्यार से उन्हें “Heeraput” या “Makkhan” कहते हैं।
जब उनके माता-पिता ने दादाजी को फिल्म के कुछ वीडियो क्लिप्स दिखाए, तो उन्होंने मुस्कुराकर कहा—“Heeraput” और “Makkhan di movie.” उनकी आँखों में चमक देखना Aneet के लिए बेहद खास था—यह वही ‘दिल’ था जिसकी वे बात कर रही थीं।
3. फिल्म Saiyaara — एक रोमांटिक ड्रामा, लेकिन दिलाली
Saiyaara, निर्देशक Mohit Suri की कलम से निकली एक संगीतमय रोमांटिक नाटक है। इसमें Ahaan Panday ने एक विद्रोही संगीतकार Krish की, और Aneet ने Vaani की भूमिका निभाई है—जो धीरे-धीरे अपनी याद्दाश्त खोती जा रही है।
यह फिल्म 18 जुलाई 2025 को रिलीज़ हुई और ₹563 करोड़ (या Wikipedia के अनुसार ₹570 करोड़ से अधिक) की जबरदस्त कमाई की—इसने नए कलाकारों की सबसे बड़ी हिट, और सबसे बड़ी प्रेम कहानी की कमाई का रिकॉर्ड बनाया।
4. यथार्थ बनाम कल्पना: बीमारी की सच्ची झलक
हालांकि Saiyaara एक भावनात्मक प्रेमकथा है, चिकित्सकों ने युवा अवस्था में Alzheimer का चित्रण असामान्य बताया, क्योंकि आमतौर पर यह बीमारी वृद्धावस्था में होती है। इस विषय पर चर्चा और भी महत्वपूर्ण हो जाती है जब फिल्म जैसे बड़े मंच से जागरूकता फैलाई जा रही हो।
5. करियर का सफर: Aneet Padda की यात्रा
Aneet Padda का करियर Salaam Venky (2022) जैसी फिल्म में छोटा सा रोल और Big Girls Don’t Cry (2024) जैसी वेब सीरीज़ के साथ शुरू हुआ। लेकिन Saiyaara ने उन्हें पूरे देश में पहचान दिला दी।
6. भावनात्मक प्रभाव—दर्शकों के दिलों तक पहुँचा
फिल्म ने केवल बॉक्स ऑफिस पर धमाल नहीं किया—दर्शकों के दिलों पर गहरा असर छोड़ा। इसके किरदार, संगीत, और संवाद लोगों की भावनाओं से सीधे जुड़े—इसलिए यह Gen Z और पारंपरिक रोमांस फिल्म प्रेमियों दोनों में लोकप्रिय हुआ।
7. निजी और सार्वजनिक जुड़ाव: कला का सबसे बड़ा असर
Aneet Padda के दादाजी का उन्हें “पहचानना” उस कला की शक्ति का प्रतीक है—उस शक्ति का जो स्क्रीन से परे जाकर वास्तविक जिंदगी को छूती है। यह दृश्य न केवल उनके लिए, बल्कि फिल्म देखने वाले हर व्यक्ति के लिए एक यादगार याद बन गया है।
Aneet Padda की कहानी एक ऐसा उदाहरण है जहाँ कला और जीवन का मिलन हो गया—जहाँ अल्ज़ाइमर की बीमारी ने एक दर्द भरा सच पेश किया, और एक प्रेम कहानी ने उम्मीदों की नई रोशनी जलाई। फिल्म Saiyaara सिर्फ एक प्रेम कहानी नहीं है, यह भावनाओं की परीक्षा, यादों का संगम, और दिल की समझ का प्रतीक है। जब जब मेरे दादाजी ने ‘Makkhan di movie’ कहा, वह सिर्फ शब्द नहीं थे—वह प्यार की वही भाषा थी जो अल्ज़ाइमर जैसी बीमारी भी मिटा नहीं सकती।
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