




क्रिकेट की दुनिया में हैट्रिक (Hat-trick) हासिल करना किसी भी गेंदबाज के लिए गौरव का क्षण होता है। लगातार तीन गेंदों पर तीन विकेट लेना न केवल मैच का रुख बदल देता है, बल्कि इतिहास के पन्नों में गेंदबाज का नाम हमेशा के लिए दर्ज कर देता है। वनडे इंटरनेशनल (ODI) क्रिकेट के इतिहास में अब तक कई शानदार गेंदबाजों ने यह कारनामा किया है। लेकिन अगर टीमों की बात की जाए, तो सबसे ज्यादा हैट्रिक का रिकॉर्ड श्रीलंका (Sri Lanka) के नाम दर्ज है।
श्रीलंका की टीम ने वनडे क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा हैट्रिक बनाई हैं। यह बात क्रिकेट प्रेमियों को अक्सर चौंका देती है क्योंकि जब भी महान गेंदबाजों की बात होती है तो भारत, पाकिस्तान या ऑस्ट्रेलिया जैसी टीमों का नाम सबसे पहले लिया जाता है। लेकिन हैट्रिक के मामले में श्रीलंका सबसे आगे है।
श्रीलंका के पास लसिथ मलिंगा जैसे दिग्गज गेंदबाज रहे हैं जिन्होंने कई बार इस कारनामे को अंजाम दिया। इसके अलावा चमिंडा वास और अन्य श्रीलंकाई गेंदबाजों ने भी हैट्रिक का इतिहास रचा है।
इस सूची में पाकिस्तान दूसरे या तीसरे स्थान पर आता है और उसने भारत से ज्यादा बार हैट्रिक बनाई हैं। पाकिस्तान के लिए वकार यूनुस, वसीम अकरम और मोहम्मद समाी जैसे तेज गेंदबाजों ने हैट्रिक ली है।
भारत की तुलना में पाकिस्तान के गेंदबाजों की रफ्तार और स्विंग हमेशा से ही विपक्षी बल्लेबाजों पर भारी पड़ी है। यही वजह है कि पाकिस्तान इस आंकड़े में भारत से आगे है।
भारत के गेंदबाजों ने भी वनडे क्रिकेट में कई बार हैट्रिक ली है लेकिन आंकड़ों में भारत पाकिस्तान से पीछे है। भारतीय क्रिकेट के लिए चेतन शर्मा 1987 विश्व कप में वनडे क्रिकेट की पहली हैट्रिक लेने वाले गेंदबाज बने। इसके अलावा कपिल देव, कुलदीप यादव और मोहम्मद शमी जैसे गेंदबाज भी यह कारनामा कर चुके हैं।
हालांकि भारत के पास दिग्गज गेंदबाजों की लंबी फेहरिस्त है, लेकिन हैट्रिक के मामले में उनका रिकॉर्ड पाकिस्तान और श्रीलंका से पीछे है।
अन्य टीमें और उनका प्रदर्शन
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ऑस्ट्रेलिया: ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाजों ने भी कई बार हैट्रिक ली है। ब्रेट ली और ग्लेन मैक्ग्रा जैसे गेंदबाजों ने यह उपलब्धि हासिल की।
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न्यूजीलैंड और इंग्लैंड: इन टीमों के गेंदबाजों ने भी अपनी काबिलियत साबित करते हुए हैट्रिक दर्ज की है।
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बांग्लादेश और अफगानिस्तान: हाल के वर्षों में इन टीमों के गेंदबाज भी हैट्रिक की लिस्ट में शामिल हुए हैं, खासकर मुस्तफिजुर रहमान और राशिद खान।
हैट्रिक सिर्फ एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह टीम के लिए मैच विनिंग मोमेंट साबित होती है। लगातार तीन विकेट मिलने से विपक्षी टीम पर दबाव बढ़ जाता है और मैच का रुख पूरी तरह से बदल सकता है।
कई बार देखा गया है कि हैट्रिक के बाद टीम ने मैच को आसानी से अपने पक्ष में कर लिया। यही वजह है कि यह रिकॉर्ड क्रिकेट में सबसे खास माना जाता है।
हैट्रिक रिकॉर्ड (संक्षिप्त तुलना)
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श्रीलंका – सबसे ज्यादा हैट्रिक
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पाकिस्तान – भारत से आगे
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भारत – चेतन शर्मा, कुलदीप यादव, मोहम्मद शमी जैसे गेंदबाज
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ऑस्ट्रेलिया/इंग्लैंड/न्यूजीलैंड – मजबूत उपस्थिति
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बांग्लादेश/अफगानिस्तान – उभरते हुए नाम
क्रिकेट के बदलते फॉर्मेट और टी20 की तेजी के बीच गेंदबाजों के लिए हैट्रिक लेना चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन वनडे में अभी भी यह मौका मिल जाता है। भारत और पाकिस्तान के युवा गेंदबाज आने वाले समय में इस आंकड़े को और आगे बढ़ा सकते हैं। वहीं, श्रीलंका के लिए यह रिकॉर्ड लंबे समय तक कायम रह सकता है क्योंकि उनकी गेंदबाजी लाइन-अप ने इतिहास में कई अनोखी उपलब्धियां दर्ज की हैं।
वनडे क्रिकेट के इतिहास में श्रीलंका का सबसे ज्यादा हैट्रिक लेने का रिकॉर्ड इस बात का सबूत है कि कभी यह टीम गेंदबाजी में दुनिया की सबसे घातक टीमों में गिनी जाती थी। पाकिस्तान भारत से आगे है और उसका यह रिकॉर्ड गेंदबाजों की आक्रामकता का प्रमाण है। वहीं, भारत के पास भी ऐसे नाम हैं जिन्होंने सही समय पर हैट्रिक लेकर टीम को मजबूती दी।
हैट्रिक का यह रिकॉर्ड क्रिकेट प्रेमियों को हमेशा रोमांचित करता है और यह आने वाले समय में भी क्रिकेट इतिहास का अहम हिस्सा बना रहेगा।