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देहरादून की धरती पर आज गर्व और उत्साह का माहौल था, जब वनडे विश्व कप विजेता टीम की स्टार ऑलराउंडर स्नेहा राणा अपने पैतृक गांव सिनोला पहुंचीं। चोट से उबरकर टीम इंडिया को विश्व चैंपियन बनाने वाली स्नेहा का जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत किया गया। स्वागत समारोह में ढोल-नगाड़ों की गूंज, फूलों की बारिश और प्रशंसकों की भारी भीड़ ने माहौल को और उत्सवमय बना दिया। परिजन, रिश्तेदार और स्थानीय लोग अपनी चिरपरिचित खुशियों के साथ इस ऐतिहासिक पल को जी रहे थे।
स्नेहा राणा के स्वागत में उनके बड़े भाई कमल राणा और भाभी ऋचा राणा ने उन्हें फूलमालाओं और हारों से स्वागत किया। कमल राणा ने भावुकता में कहा कि, “स्नेहा ने चोट के बावजूद निरंतर मेहनत की और भारत को विश्व चैंपियन बनाया। यह गर्व का पल है, हम सबको उस पर गर्व है।” इस अवसर पर स्थानीय बच्चों, युवाओं और क्रिकेट प्रेमियों ने भी स्नेहा का उत्साहवर्धक स्वागत किया।
उत्तराखंड सरकार ने इस उपलब्धि को सम्मानित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में स्नेहा राणा को 50 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्नेहा ने अपनी मेहनत, धैर्य और खेल भावना के जरिए देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे स्नेहा के संकल्प और कड़ी मेहनत को अपने जीवन में प्रेरणा के रूप में अपनाएं।
एयरपोर्ट से सिनोला तक का रास्ता भी उत्सव का केंद्र बन गया। स्थानीय लोगों ने मुख्य मार्ग को फूलों और रंग-बिरंगी सजावट से सजाया था। बच्चे तिरंगे और पोस्टर्स लेकर स्नेहा के स्वागत में शामिल हुए। स्नेहा राणा ने भी इस उत्साह में शामिल होकर अपने प्रशंसकों को हाथ हिलाकर अभिवादन किया।
स्नेहा ने संवाददाताओं से कहा कि, “विश्व कप जीतना मेरे जीवन का सबसे बड़ा अनुभव है। चोट के बावजूद टीम के लिए योगदान देना और देश को विजेता बनाना गर्व की बात है। देहरादून और सिनोला में अपने लोगों के प्यार और उत्साह को देखना मेरे लिए बेहद भावुक करने वाला पल है।” उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि अगर मेहनत और समर्पण सही दिशा में हो तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं।
उत्तराखंड क्रिकेट संघ और स्थानीय प्रशासन ने भी इस अवसर पर कार्यक्रम आयोजित कर स्नेहा राणा की उपलब्धियों को उजागर किया। उन्हें स्मृति चिन्ह और फूलों की माला भेंट की गई। इस अवसर पर राज्य के वरिष्ठ अधिकारी और खेल संगठनों के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
स्नेहा राणा की यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि पूरे उत्तराखंड और भारत के लिए गर्व का विषय है। उनके खेल कौशल, अनुशासन और मैदान पर अद्भुत प्रदर्शन ने भारतीय महिला क्रिकेट की नई पहचान बनाई है। उनके स्वागत समारोह ने यह स्पष्ट कर दिया कि खेल में उत्कृष्टता को समाज और राज्य दोनों के स्तर पर मान्यता मिल रही है।
इस भव्य स्वागत ने युवा खिलाड़ियों और क्रिकेट प्रेमियों के लिए प्रेरणा का काम किया है। स्नेहा राणा ने न केवल खेल में देश का नाम रोशन किया बल्कि उत्तराखंड की महिला खिलाड़ियों के लिए भी मार्गदर्शन और प्रेरणा का प्रतीक बन गई हैं। उनके प्रयास और सफलता ने यह संदेश दिया है कि दृढ़ संकल्प, मेहनत और आत्मविश्वास से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
स्नेहा राणा के इस स्वागत समारोह ने देहरादून और सिनोला में उत्साह और गर्व की एक नई लहर पैदा कर दी है। यह पल स्थानीय लोगों और खेल प्रेमियों के लिए हमेशा यादगार रहेगा, और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।








