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अयोध्या में 25 नवंबर को होने वाले राम मंदिर ध्वजारोहण कार्यक्रम को लेकर जहां पूरे देश में उत्साह और भक्ति का माहौल है, वहीं प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह आयोजन बड़े पैमाने पर चुनौतीपूर्ण सिद्ध हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन के साथ-साथ देश की राजनीति, उद्योग, कला, खेल और सिनेमा जगत से जुड़े लगभग 50 से अधिक VVIP के अयोध्या पहुंचने की संभावना ने महर्षि वाल्मीकि इंटरनेशनल एयरपोर्ट को विशेष सुरक्षा जोन में तब्दील कर दिया है। एयरपोर्ट पर प्रशासनिक तैयारियों की गति पिछले एक सप्ताह से और तेज हो गई है।
एयरपोर्ट के डायरेक्टर धीरेंद्र सिंह ने पुष्टि की है कि कार्यक्रम की गरिमा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए CISF के 50 अतिरिक्त जवानों की तैनाती की जा रही है। इनमें से 48 जवान 18 नवंबर तक अपना कार्यभार ग्रहण कर चुके होंगे। इन जवानों की तैनाती से एयरपोर्ट की सुरक्षा दो गुना बढ़ जाएगी। एयरपोर्ट के अंदर प्रवेश, रनवे, VVIP मार्ग, पार्किंग और टर्मिनल के ठहराव क्षेत्रों को विशेष निगरानी में रखने की व्यवस्था की जा रही है। डायरेक्टर सिंह ने बताया कि सुरक्षा को लेकर रोजाना उच्च-स्तरीय बैठकों का दौर चल रहा है ताकि कहीं भी किसी प्रकार की कमी न रह जाए।
प्रधानमंत्री मोदी के आगमन के लिए विशेष लाउंज तैयार किया जा रहा है, जो आधुनिक सुविधाओं और उच्च सुरक्षा तकनीक से लैस होगा। इसके अलावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल और अन्य विशिष्ट मेहमानों के लिए भी अलग-अलग चार विशेष लाउंज बनाए जा रहे हैं। इन लाउंजों में विशिष्ट मेहमानों को बिना भीड़भाड़ के आरामदायक ठहराव की सुविधा मिलेगी।
पार्किंग व्यवस्था में भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बड़ी संख्या में VVIP कारकेड और श्रद्धालुओं के वाहनों के अनुमानित दबाव को देखते हुए एयरपोर्ट के भीतर अतिरिक्त पार्किंग क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। बाहर की पार्किंग व्यवस्था नगर निगम संभालेगा, जबकि एयरपोर्ट परिसर के भीतर की नई पार्किंग जगह का प्रबंधन एयरपोर्ट प्रशासन कर रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी आगंतुक को वाहन खड़ा करने या बाहर निकलने में कोई परेशानी न हो।
वहीं, सुरक्षा समीक्षा के लिए 18 नवंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद एयरपोर्ट पहुंचकर तैयारियों का जायजा लेंगे। मुख्यमंत्री पहले भी राम मंदिर से जुड़े आयोजनों पर सुरक्षा और अनुष्ठानिक व्यवस्थाओं को लेकर विशेष ध्यान देते रहे हैं। इस बार का ध्वजारोहण कार्यक्रम और भी भव्य होने वाला है, इसलिए सीएम के निर्देशों के बाद सुरक्षा में और मजबूती लाई जाएगी।
अयोध्या में होने वाला यह आयोजन केवल धार्मिक महत्व तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश और दुनिया की निगाहों का केंद्र बन चुका है। 22 जनवरी के प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम के बाद यह पहला बड़ा आयोजन है, जिसमें दुनिया भर से महत्त्वपूर्ण हस्तियां शामिल होंगी। ऐसे में एयरपोर्ट प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका और तैयारी दोनों ही अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।
राम मंदिर ध्वजारोहण समारोह को लेकर श्रद्धालुओं में अपार उत्साह है। अयोध्या शहर में सजावट, लाइटिंग और स्वागत की तैयारियां जारी हैं, जबकि मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर सख्त निगरानी रखी जा रही है। 25 नवंबर के दिन अयोध्या का माहौल आध्यात्मिकity और राष्ट्रीय गौरव दोनों से सराबोर होने वाला है।








