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पुणे में नगरपालिका चुनाव के दौरान मतदान केंद्रों पर आख़िरी घंटे में बढ़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के लिए चुनाव अधिकारियों ने टोकन आधारित प्रणाली लागू की है, ताकि 5:30 बजे तक आए सभी मतदाता अपने मत का उपयोग बिना किसी परेशानी के कर सकें।
टोकन सिस्टम कैसे काम करेगा?
चुनाव नियमों के अनुसार, जो भी मतदाता बंद होने के आधिकारिक समय 5:30 बजे से पहले मतदान केंद्र की सीमा में पहुंचता है, वह मतदान करने का अधिकार रखता है, भले ही मतदान उसके बाद भी जारी रहे।
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5:30 बजे लाइन में आख़िरी मतदाता को “टोकन नंबर 1” दिया जाएगा।
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इसके बाद, पहले से ही परिसर के अंदर मौजूद अन्य मतदाताओं को टोकन नंबर उल्टे क्रम में दिए जाएंगे।
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टोकनधारक सभी मतदाता मतदान कर पाएंगे, भले ही मतदान समय के बाद भी जारी रहे।
इस प्रणाली का उद्देश्य भीड़ नियंत्रण और पारदर्शिता को सुनिश्चित करना है ताकि कोई भी योग्य मतदाता अपना मतदान अधिकार खो न दे।
भीड़ प्रबंधन में सुधार
पूर्व में लोकसभा और विधानसभा चुनावों में आख़िरी घंटे में लंबी कतारों के कारण मतदान समय बढ़ाना पड़ा था। उन अनुभवों को ध्यान में रखते हुए इस बार टोकन प्रणाली अपनाई गई है। मतदान केंद्रों पर अनुमानित मतदाताओं की संख्या भी पहले के मुकाबले कम रखी गई है — जहां पहले 1,000 से अधिक मतदाता प्रति बूथ होते थे, वहीं अब लगभग 800–900 मतदाता प्रति बूथ होंगे।
मतदान प्रक्रिया को आसान बनाने के प्रयास
पोलिंग स्टाफ को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे मतदाताओं को मतदान प्रक्रिया के बारे में पहले से मार्गदर्शन प्रदान करें।
पुणे में कई वार्डों में मतदाताओं को चार उम्मीदवारों को चुनना होता है, जिसके लिए ईवीएम पर चार बार बटन दबाने और पुष्टि की बिप ध्वनि का इंतज़ार करना ज़रूरी है। मतदान में औसतन लगभग 35–40 सेकंड का समय लगता है।
चुनाव का दायरा
इन नगरपालिका चुनावों में पुणे नगर निगम (PMC) के 165 सीटों के लिए 35.51 लाख मतदाता 4,011 बूथों पर मतदान कर रहे हैं, जबकि पिंपरी-चिंचवाड़ नगर निगम (PCMC) में 128 सीटों पर 17.27 लाख मतदाता हैं।








