इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं।

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA ने Artemis II मिशन के लिए लॉन्च विंडो (उड़ान समय‑सीमा) की घोषणा कर दी है, जो 53 साल बाद फिर से मानवों को चंद्रमा के पास ले जाने वाला मिशन होगा। यह ऐतिहासिक मिशन Apollo 17 (1972) के बाद पहली बार होगा जब अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा के निकट मानव उपस्थिति का अनुभव करेंगे।
लॉन्च विंडो और प्रक्रिया
NASA ने घोषित किया है कि Artemis II मिशन को 6 फरवरी 2026 से पहले या उसके आसपास लॉन्च किया जा सकता है, और मिशन की तैयारी के तहत इसका विशाल Space Launch System (SLS) रॉकेट और Orion अंतरिक्ष यान जनवरी में केनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च पैड तक ले जाया जाएगा। इस 10‑दिवसीय मिशन का उद्देश्य चंद्रमा के चारों ओर अंतरिक्ष यात्रियों को घुमाना और सुरक्षित वापस लाना होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि मौसम और तकनीकी परीक्षणों के आधार पर अंतिम तारीख में बदलाव संभव है, लेकिन यह कदम मानवता के लिए चंद्रमा की ओर वापसी की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है।
मिशन में शामिल अंतरिक्ष यात्री
Artemis II मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री होंगे, जिनमें शामिल हैं:
-
रीड विस्मैन (कमांडर)
-
विक्टर ग्लोवर (पायलट)
-
क्रिस्टिना कोक (मिशन स्पेशलिस्ट)
-
जेरमी हैंसेन (कनाडा अंतरिक्ष एजेंसी, मिशन स्पेशलिस्ट)
ये अंतरिक्ष यात्री लगभग 10 दिन की यात्रा पर चंद्रमा के चारों ओर जाएंगे और फिर पृथ्वी पर लौट आएंगे। यह मिशन चंद्रमा पर फिर से मानव आधारित अनुसंधान और भविष्य के सतत अभियान के लिए महत्वपूर्ण परीक्षण साबित होगा।
Artemis II क्यों खास है?
Artemis II चंद्रमा के पास जाने वाला पहला मानवयुक्त मिशन है, जो 50 साल से अधिक के अंतराल के बाद मानवता को फिर से चंद्रमा के करीब ले जाएगा। यह मिशन SLS रॉकेट और Orion अंतरिक्ष यान की क्षमताओं का गहरा परीक्षण करेगा, विशेष रूप से जीवन‑समर्थन तंत्र और गहन अंतरिक्ष परिचालन में चैतन्य संचालन।
मिशन का उद्देश्य केवल चंद्रमा के पास जाना ही नहीं है, बल्कि भविष्य के Artemis III मिशन की बुनियाद तैयार करना भी है, जिसमे चंद्रमा की सतह पर उतरने की योजना है।








