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यह कहा जाता है कि इंसान की किस्मत उसकी हथेली की रेखाओं से नहीं, बल्कि उसके पसीने की बूंदों से लिखी जाती है। इस कथन को यदि किसी के जीवन ने साकार किया है, तो वह हैं दीपक विजय खेडेकर।
5 अप्रैल 1991 को महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले के लोणार तालुका स्थित छोटे से गांव शिवणी पिसा में जन्मे दीपक का बचपन संघर्षों में बीता। गांव में केवल 10वीं तक की पढ़ाई उपलब्ध होने के कारण आगे की शिक्षा के लिए उन्हें प्रतिदिन 5–6 किलोमीटर पैदल चलकर अंजनी गांव जाना पड़ता था। धूप, बारिश और आंधी—किसी भी परिस्थिति ने उनके कदम नहीं रोके।
वर्ष 2013 में स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद रोजगार की तलाश उन्हें मुंबई ले आई।
पुणे की शुरुआत और कोरोना का कहर
2014 में विवाह के बाद, वर्ष 2015 में दीपक पुणे में बस गए। 2015 से 2019 तक वे नौकरी के साथ-साथ पार्ट-टाइम अगरबत्ती बेचने का काम करने लगे। जीवन पटरी पर लौट ही रहा था कि 2019 के अंत में कोरोना महामारी ने सब कुछ तहस-नहस कर दिया।
लॉकडाउन के चलते नौकरी चली गई, आय का स्रोत बंद हो गया और चारों ओर अनिश्चितता छा गई। क्वारंटाइन के उन अकेले दिनों में सोशल मीडिया ही दुनिया से जुड़ने का एकमात्र सहारा था।
जिद, गिरना और फिर खड़े होना
लॉकडाउन के बाद दीपक दोबारा पुणे लौटे, लेकिन किस्मत ने एक और परीक्षा ली—वे स्वयं कोरोना संक्रमित हो गए। पॉजिटिव रिपोर्ट के कारण कोई भी उन्हें नौकरी देने को तैयार नहीं था।
ऐसे कठिन समय में उन्होंने किसी भी काम को छोटा न समझते हुए एक कंपनी में नाइट शिफ्ट सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी स्वीकार की। उसी कमाई, पीएफ की राशि और पत्नी के गहने गिरवी रखकर उन्होंने एक मेस (खानावळ) शुरू की।
लेकिन वहां भी कुछ कर्मचारियों की धोखाधड़ी से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ और उन्हें मजबूरन गांव लौटना पड़ा। बावजूद इसके, उनके सपने नहीं टूटे।

RMP एंटरप्राइजेस: विश्वास की त्रिमूर्ति
गांव लौटने के बाद दीपक ने एक बार फिर खुद को साबित करने की ठानी। इसी दौर में उनके जीवन में दो अहम व्यक्तियों का प्रवेश हुआ—प्रशांत मोहिते (पुणे) और मंजिरी चव्हाण (सातारा)।
प्रशांत मोहिते की अनुशासनप्रियता और कार्य के प्रति निष्ठा व्यवसाय के लिए संजीवनी साबित हुई। वहीं मंजिरी चव्हाण ने उस समय दीपक को मानसिक संबल दिया, जब कोरोना के दौरान हर ओर निराशा छाई हुई थी।
“तुम फिर से खड़े हो सकते हो”—इस विश्वास ने दीपक को नई ऊर्जा दी। यहीं से केवल व्यावसायिक साझेदारी नहीं, बल्कि एक अटूट मित्रता की नींव पड़ी। इन तीनों ने मिलकर ‘RMP एंटरप्राइजेस’ की स्थापना की और अगरबत्ती निर्माण के क्षेत्र में कदम रखा।
प्रकृति की मार और इंसानियत का सहारा
व्यवसाय की शुरुआत में ही घटिया कच्चे माल के कारण लगभग 3.5 लाख रुपये का माल खराब हो गया। दीपक उस माल को सुधारकर साप्ताहिक बाजार में ले गए।
तेज धूप के बीच अचानक मूसलाधार बारिश शुरू हो गई और सारी अगरबत्तियां भीग गईं। जेब में एक भी रुपया नहीं था। उसी समय वढू बुद्रुक के किसान एकनाथ भंडारे देवदूत बनकर सामने आए और दीपक का सहारा बने।
लेकिन नियति यहीं नहीं रुकी। उसी दौरान तेज आंधी से फैक्ट्री का टिन शेड उड़ गया और सारा माल कीचड़ में मिल गया। टूटे मन से दीपक ने उस दिन व्यवसाय का शटर गिरा दिया।
खोज की यात्रा और वैश्विक उड़ान
शटर भले ही बंद हुआ, लेकिन हौसले जिंदा थे। दीपक दो महीने के लिए भारत भ्रमण पर निकल पड़े—इंदौर, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई, बेंगलुरु और हुबली जैसे बाजारों का गहन अध्ययन किया।
इस यात्रा ने उन्हें सबसे बड़ा सबक सिखाया—लोगों को पहचानने की कला।
आज दीपक गर्व से कहते हैं, “अब मैं सामने वाले का चेहरा देखकर समझ जाता हूं कि वह मदद के लिए आया है या सिर्फ फायदा उठाने।”
Soul Haven: सपनों का ब्रांड
इन्हीं अनुभवों के बल पर दीपक ने न केवल एक, बल्कि दो सफल कंपनियां खड़ी कीं—
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RMP Enterprises
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S & K Agarbatti Udyog
इसके साथ ही उन्होंने अपना प्रीमियम ब्रांड ‘Soul Haven’ लॉन्च किया। आज यह ब्रांड न सिर्फ भारत में, बल्कि विदेशों में भी निर्यात किया जा रहा है। शून्य से शुरू हुआ सफर आज सात समंदर पार पहुंच चुका है।
सफलता, सहयोग और कृतज्ञता
आज दीपक विजय खेडेकर अपने दोनों भरोसेमंद साथियों—प्रशांत मोहिते और मंजिरी चव्हाण—के साथ सफलता के नए अध्याय लिख रहे हैं। प्रशांत की अनुशासनशीलता, मंजिरी का मानसिक संबल और पत्नी का अटूट सहयोग इस सफलता की मजबूत नींव है।
आज S & K Agarbatti Udyog और Soul Haven मेहनत, जिद और शुद्ध गुणवत्ता के प्रतीक बन चुके हैं।
बुलढाणा के एक छोटे से गांव से निकलकर अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचने वाले दीपक खेडेकर की यह यात्रा हर युवा के लिए प्रेरणादायक है।
यह कहानी सिखाती है कि असफलता अंत नहीं, बल्कि सफलता की पहली सीढ़ी होती है—और दीपक ने इसे अपने जीवन से सिद्ध कर दिखाया है।
सम्मान और पहचान
दीपक विजय खेडेकर की इस शानदार उपलब्धि को “Maharashtra Business Icon 2025 / Maharashtra Style Icon 2025 / Maharashtra Fashion Icon 2025” जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों के लिए चुना गया है। यह सम्मान Reseal.in और India Fashion Icon Magazine द्वारा उन उभरते उद्यमियों और रचनात्मक प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए दिया जाता है, जिन्होंने अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान दिया है।
भव्य पुरस्कार समारोह
इस पुरस्कार समारोह में कई प्रसिद्ध फिल्मी हस्तियाँ शामिल होंगी:
⭐ वर्षा उसगांवकर – बॉलीवुड अभिनेत्री
⭐ सोनाली कुलकर्णी – भारतीय अभिनेत्री
⭐ प्रार्थना बेहेरे – भारतीय अभिनेत्री
यह आयोजन श्री सुधीर कुमार पठाडे, Founder & CEO, Sure Me Multipurpose Pvt. Ltd. (Reseal.in) के नेतृत्व में आयोजित किया जाएगा, जो महाराष्ट्र के उद्यमियों और प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच देने के लिए कार्यरत हैं।








