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सेना दिवस के पावन अवसर पर सवाई मानसिंह स्टेडियम, जयपुर में आयोजित भव्य कार्यक्रम ‘शौर्य संध्या’ का साक्षी बनकर गौरव की अनुभूति हुई। इस ऐतिहासिक आयोजन ने न केवल गुलाबी नगरी जयपुर को गौरवान्वित किया, बल्कि हर नागरिक के हृदय में राष्ट्रभक्ति, सम्मान और देशप्रेम की नई ऊर्जा का संचार किया।
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि यह आयोजन हमारे वीर जवानों के अदम्य साहस, अनुशासन और बलिदान को नमन करने का एक सशक्त माध्यम बना। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना का शौर्य और समर्पण नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का पुंज है, जो राष्ट्र सेवा के प्रति हमारे संकल्प को और अधिक मजबूत करता है।
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने बताया कि जयपुर में पहली बार सेना दिवस के अवसर पर इस स्तर का आयोजन होना पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है। इसके लिए केंद्र सरकार एवं भारतीय सेना के अधिकारियों का उन्होंने हृदय से आभार व्यक्त किया। ‘शौर्य संध्या’ कार्यक्रम के माध्यम से आमजन को भारतीय सेना के पराक्रम, शौर्य और अनुशासन से साक्षात्कार करने का अवसर प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम के दौरान सेना के शौर्य को दर्शाने वाली प्रस्तुतियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और देशभक्ति से ओत-प्रोत वातावरण ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। पूरा स्टेडियम ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के नारों से गूंज उठा।
इस शुभ अवसर पर देश और प्रदेश के कई विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया। कार्यक्रम में माननीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह जी, राजस्थान के माननीय राज्यपाल श्री हरिभाऊ किसनराव बागड़े जी, मिजोरम के माननीय राज्यपाल श्री जनरल वी.के. सिंह जी, तथा भाजपा राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष श्री मदन राठौड़ जी सहित अनेक गणमान्य जन उपस्थित रहे।
इन सभी अतिथियों ने भारतीय सेना के अद्वितीय योगदान को नमन करते हुए जवानों के साहस, बलिदान और अनुशासन की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना देश की सुरक्षा की मजबूत ढाल है और हर नागरिक को अपने सैनिकों पर गर्व है।
‘शौर्य संध्या’ कार्यक्रम ने विशेष रूप से युवाओं और बच्चों में देशभक्ति की भावना को और अधिक प्रबल किया। सेना के पराक्रम को नजदीक से देखने का अवसर नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक सिद्ध हुआ। यह आयोजन राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका को समझाने का भी सशक्त माध्यम बना।
सेना दिवस के अवसर पर आयोजित ‘शौर्य संध्या’ न केवल एक कार्यक्रम था, बल्कि यह भारतीय सेना के शौर्य, समर्पण और बलिदान को नमन करने का एक ऐतिहासिक क्षण था। जयपुर की धरती पर आयोजित इस भव्य आयोजन ने पूरे प्रदेश को गर्व से भर दिया और राष्ट्रभक्ति की भावना को और सुदृढ़ किया।








