• Create News
  • ▶ Play Radio
  • नाशिक में PESA API के जरिए पंचायतों के खाते में सीधे फंड ट्रांसफर

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं।

    नाशिक जिला परिषद और Union Bank of India ने मिलकर एक अभिनव डिजिटल वित्तीय व्यवस्था लागू की है। इसके अंतर्गत PESA (पंचायती राज अधिनियम-1996) के तहत मिलने वाले निधियों का फंड अब सीधे ग्रामपंचायतों के बैंक खातों में ऑनलाइन भेजा जाएगा, जिससे पारदर्शिता, त्वरित वितरण और बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा।

    राज्य में यह पहला ऐसा API (Application Programming Interface) इंटीग्रेशन है जो पेसा निधि के लघु-स्तरीय ट्रांसफर को स्वचालित और सुरक्षित तरीके से संभव बनाता है।

    API इंटीग्रेशन से क्या होगा बदल?

    API तकनीक के ज़रिए अब निधि सीधे ग्रामपंचायतों के बैंक खातों में वास्तविक-समय में ट्रांसफर होगी। इससे पहले पेसा के तहत मिलने वाला पाँच प्रतिशत निधि मैनुअल रूप से वितरित किया जाता था, जिसके कारण देरी या मानवीय त्रुटियाँ होने का जोखिम था।

    अब नई प्रणाली से:

    • निधियों का तेज़ और सुरक्षित वितरण संभव होगा

    • मानवीय हस्तक्षेप में कमी आएगी

    • ट्रांसफर में होने वाली त्रुटियाँ कम होंगी

    • जिला-स्तर और पंचायत-स्तर पर वास्तविक-समय निगरानी संभव होगी

    यह तकनीकी बदलाव ग्रामस्तर पर विकास कार्यों को समय पर संसाधन उपलब्ध कराने में मदद करेगा और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए डिजिटल वित्तीय समावेशन को सुदृढ़ करेगा।

    डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म: pesazpnashik.com

    पद्धति को लागू करने के लिए एक एकीकृत डिजिटल पोर्टल — pesazpnashik.com तैयार किया गया है, जिससे न केवल ग्रामपंचायतें, बल्कि पंचायत समितियाँ और जिला परिषद भी एक ही मंच पर जुड़ीं हैं।

    इस चार-स्तरीय प्लेटफ़ॉर्म में शामिल हैं:

    • ग्रामपंचायत स्तर

    • पंचायत समिति स्तर

    • तालुका स्तर

    • जिला परिषद स्तर

    हर स्तर पर स्पष्ट जिम्मेदारियाँ, स्वचालित रिपोर्टिंग और नियंत्रण-तंत्र मौजूद हैं, जिससे निधि वितरण और उपयोग की पारदर्शिता और प्रभावशीलता बढ़ती है।

    लाभ और भविष्य की संभावनाएँ

    यह पहल विशेष रूप से अनुसूचित क्षेत्र (Scheduled Areas) में रहने वाले ग्रामीणों के लिए लाभदायक साबित होगी। इससे:

    • स्थानीय विकास परियोजनाओं के लिए निधि समय पर मिलेगी

    • ग्रामीण स्वराज्य को और मजबूत बनाने में मदद मिलेगी

    • डिजिटल वित्तीय लेन-देनों में ग्रामीण बैंकिंग का उपयोग बढ़ेगा

    जिल्हा परिषदे के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओमकार पवार और Union Bank के क्षेत्रीय प्रमुख प्रभात कुमार जेना ने संयुक्त रूप से इस समझौते पर हस्ताक्षर किए और इस तकनीकी पहल को ग्रामीण प्रशासन सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।

  • Related Posts

    गुणवत्ता और विश्वास के साथ आगे बढ़ती Bluebell Graphics: Vikram Ravindra Shrimal की सफलता की कहानी

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं। महाराष्ट्र के सोलापुर में स्थित Bluebell Graphics आज पेपर प्लेट मशीन और हाइड्रोलिक इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में तेजी से…

    Continue reading
    बिना संसाधनों के शुरुआत, आज सफल उद्योगपति: Tanaji Patil की प्रेरणादायक सफलता गाथा

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं। महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले के चंदगड तालुका के छोटे से गांव बसर्गे में जन्मे Tanaji Patil आज अपनी मेहनत, जिद…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *