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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भाजपा का केरल में उभार गुजरात की तरह चरणबद्ध रूप से बढ़ेगा। उन्होंने हाल ही में पार्टी की थिरुवनंतपुरम निगम में जीत को एक बड़े राजनीतिक बदलाव का संकेत बताया और दावा किया कि यह सिर्फ शुरुआत है।
गुजरात की याद, वर्तमान केरल की पहचान
पीएम मोदी ने अपने भाषण में गुजरात के अनुभव को याद करते हुए स्पष्ट किया कि कैसे 1987 में अहमदाबाद निगम चुनाव जीतने के बाद भाजपा ने वहां मजबूती से पद स्थापित किया। वही पैटर्न अब केरल में भी दिख रहा है, जहां से जनता भाजपा को समर्थन दे रही है।
मोदी का कहना था कि “एक शहर से हमारी यात्रा शुरू हुई और आज गुजरात में लंबा सफ़र तय हुआ है — उसी तरह केरल में हमारी शुरुआत हुई है।”
एलडीएफ-यूडीएफ पर हमला और बदलाव की बात
पीएम मोदी ने केरल की मुख्य पार्टियों — लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) — पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इन गठबंधनों की कथित लापरवाही और भ्रष्टाचार ने राज्य में विकास को रोका है, और बदलाव अब आवश्यक है।
उन्होंने लोगों से “लोकहित और विकासमुखी सरकार” की मांग करते हुए भाजपा और एनडीए के पक्ष में वोट का आग्रह किया।
थिरुवनंतपुरम जीत का राजनीतिक अर्थ
थिरुवनंतपुरम में भाजपा की हालिया जीत को प्रधानमंत्री ने एक निर्णायक जनादेश के रूप में पेश किया, जिससे यह संकेत मिलता है कि जनता राज्य में राजनीति के ‘परिवर्तन’ की दिशा में सोच रही है।
यह जीत भारतीय राजनीति में भाजपा के दक्षिणी विस्तार के लिए महत्वपूर्ण मोड़ मानी जा रही है, खासकर जब यह राज्य परंपरागत रूप से कांग्रेस और लेफ्ट का गढ़ रहा है।
आगामी चुनाव से पहले केरल का परिचय
केरल में विधानसभा चुनाव 2026 की तैयारियाँ चल रही हैं, और भाजपा इस समय अपनी रणनीति को मजबूत कर रही है। पार्टी ने हाल ही में थिरुवनंतपुरम में रोडशो और जनसभाएँ भी आयोजित की हैं और विकास व बदलाव को अपना मुख्य एजेंडा बताया है।








