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  • कोविड संकट से कारोबार तक: स्वामी समर्थ फर्नीचर की प्रेरक गाथा

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    कहते हैं कि हर सफल व्यवसाय के पीछे संघर्ष, धैर्य और अटूट विश्वास की एक लंबी कहानी होती है। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है किरण रामदास शिंदे और ज्ञानेश्वर विश्वंभर भोगिल की, जिन्होंने अत्यंत साधारण और गरीब पारिवारिक पृष्ठभूमि से निकलकर आज श्री स्वामी समर्थ फर्नीचर प्रा. लि. के माध्यम से फर्नीचर उद्योग में अपनी सशक्त पहचान बनाई है।

    नौकरी से उद्यमिता तक का सफर

    मार्च 2020 तक किरण शिंदे और ज्ञानेश्वर भोगिल पुणे के एक मॉल में नौकरी कर रहे थे। 15–20 हजार रुपये की सीमित तनख्वाह में जैसे-तैसे जीवन चल रहा था। इसी बीच कोविड-19 महामारी ने उनकी नौकरी भी छीन ली। आय का स्रोत बंद होते ही जीवन में बड़ा संकट खड़ा हो गया, लेकिन इसी संकट ने उन्हें नया रास्ता दिखाया—उद्यमिता का रास्ता

    फर्नीचर उद्योग में कदम रखने का साहस

    गांव के कई युवाओं को पहले से फर्नीचर व्यवसाय में सफल होता देखकर दोनों को भी इस क्षेत्र में उतरने की प्रेरणा मिली। उन्होंने तय किया कि अब नौकरी नहीं, बल्कि खुद का व्यवसाय शुरू किया जाएगा। सबसे बड़ी चुनौती थी—पूंजी की व्यवस्था। इसके लिए उन्होंने अपनी सारी बचत तोड़ी और यहां तक कि अपनी जमीन भी बेच दी। इस तरह करीब 20–22 लाख रुपये की पूंजी जुटाकर एक बड़ा जोखिम उठाया।

    खर्डा से हुई नए अध्याय की शुरुआत

    व्यवसाय के लिए उन्होंने गांव के पास स्थित, औद्योगिक रूप से विकसित क्षेत्र खर्डा को चुना। यहां 3–4 गुंठे खुली जमीन किराये पर लेकर बड़े शेड का निर्माण शुरू किया। इतने बड़े स्तर पर काम शुरू होते देख कई लोगों ने हतोत्साहित भी किया, लेकिन कुछ लोगों का संबल और खुद पर विश्वास उनकी सबसे बड़ी ताकत बना।

    फरवरी 2021 में उन्होंने खर्डा गांव में पहली बार ऐसा फर्नीचर मॉल शुरू किया, जहां विवाह के लिए आवश्यक लगभग सभी फर्नीचर और घरेलू सामान एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराया गया।

    शुरुआती संघर्ष और भरोसे की जीत

    शुरुआती दौर बेहद कठिन रहा। आर्थिक दबाव, ग्राहकों की कमी और रोजमर्रा की चुनौतियों से जूझना पड़ा। पहले दो-तीन वर्षों तक दोनों संस्थापक खुद ही साफ-सफाई से लेकर बिलिंग तक हर काम करते रहे।

    उन्होंने विज्ञापन पर एक भी पैसा खर्च नहीं किया, बल्कि ग्राहकों के भरोसे और गुणवत्ता को अपना प्रचार माध्यम बनाया। ईमानदारी से काम किया, ग्राहकों की जरूरत के अनुसार उत्पाद उपलब्ध कराए और धीरे-धीरे माउथ-टू-माउथ पब्लिसिटी के जरिए व्यवसाय बढ़ता चला गया।

    कठिनाइयों से सीख और आगे बढ़ने का संकल्प

    नया व्यवसाय शुरू करना केवल एक विचार नहीं, बल्कि उस विचार को जीना होता है। पूंजी की कमी, अनुभव का अभाव, बाजार की प्रतिस्पर्धा और असफलता का डर—इन सभी से दोनों को गुजरना पड़ा। कई बार योजनाएं बदली गईं, कठिन फैसले लेने पड़े, लेकिन हर कठिनाई ने उन्हें कुछ नया सिखाया।

    चिकाटी, संयम और आत्मविश्वास—यही उनका असली पूंजी बना।

    स्थिरता की ओर बढ़ता व्यवसाय

    आज श्री स्वामी समर्थ फर्नीचर प्रा. लि. स्थिरता और निरंतर विकास की ओर अग्रसर है। इसके पीछे वर्षों की मेहनत, त्याग और अनगिनत चुनौतियों से गुजरने का अनुभव छिपा है। यह कहानी केवल व्यावसायिक सफलता की नहीं, बल्कि असफलताओं से उठकर अपने सपनों पर विश्वास बनाए रखने की प्रेरक गाथा है।

    प्रेरणा का संदेश

    किरण शिंदे और ज्ञानेश्वर भोगिल की यह यात्रा उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। यह कहानी सिखाती है कि यदि मेहनत ईमानदार हो, उद्देश्य स्पष्ट हो और धैर्य अडिग हो—तो सफलता अवश्य मिलती है।

    सम्मान और पहचान

    किरण रामदास शिंदे और ज्ञानेश्वर विश्वंभर भोगिल की इस शानदार उपलब्धि को “Maharashtra Business Icon 2025 / Maharashtra Style Icon 2025 / Maharashtra Fashion Icon 2025” जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों के लिए चुना गया है। यह सम्मान Reseal.in और India Fashion Icon Magazine द्वारा उन उभरते उद्यमियों और रचनात्मक प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए दिया जाता है, जिन्होंने अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान दिया है।

    भव्य पुरस्कार समारोह

    इस पुरस्कार समारोह में कई प्रसिद्ध फिल्मी हस्तियाँ शामिल होंगी:
    वर्षा उसगांवकर – बॉलीवुड अभिनेत्री
    सोनाली कुलकर्णी – भारतीय अभिनेत्री
    प्रार्थना बेहेरे – भारतीय अभिनेत्री

    यह आयोजन श्री सुधीर कुमार पठाडे, Founder & CEO, Sure Me Multipurpose Pvt. Ltd. (Reseal.in) के नेतृत्व में आयोजित किया जाएगा, जो महाराष्ट्र के उद्यमियों और प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच देने के लिए कार्यरत हैं।

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