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  • प्रियंका कुलकर्णी: शिक्षा में बदलाव की मिसाल

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    जब सोच बड़ी हो और उद्देश्य स्पष्ट हो, तो सीमित संसाधन भी बदलाव की शुरुआत बन सकते हैं।
    ऐसी ही सोच के साथ 26 जनवरी 2018 को आशापुरक एबेकस एंड कोचिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना की गई। संस्थान का उद्देश्य था—अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों तक आधुनिक शिक्षण पद्धतियों को पहुंचाना।

    उस समय एबेकस शिक्षा को मुख्यतः शहरी बच्चों तक सीमित माना जाता था और पैठण जैसे कस्बों में इसके लाभों के बारे में जागरूकता बेहद कम थी।

    एक सवाल जिसने शिक्षा की दिशा बदल दी

    संस्थान की संस्थापक प्रियंका तुषार कुलकर्णी के लिए निर्णायक क्षण तब आया, जब उन्होंने सुना कि कई माता-पिता अपने बच्चों को केवल एबेकस सीखने के लिए गर्मियों की छुट्टियों में दूर-दराज़ के शहरों में भेजने की योजना बना रहे हैं।

    यहीं से एक सरल लेकिन प्रभावशाली सवाल जन्मा—
    “जब गुणवत्तापूर्ण शिक्षा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराई जा सकती है, तो बच्चों को बाहर क्यों भेजा जाए?”
    इसी विचार ने आशापुरक एबेकस की नींव रखी।

    छोटी शुरुआत, भरोसेमंद विस्तार

    आशापुरक एबेकस की शुरुआत मात्र दो से तीन छात्रों के साथ हुई। न तो बड़े विज्ञापन थे और न ही प्रचार अभियान। संस्थान की सबसे बड़ी ताकत बनी—समर्पण और परिणाम।

    जैसे-जैसे छात्र स्कूल स्तर की प्रतियोगिताओं और गणितीय परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने लगे, अभिभावकों का भरोसा बढ़ता गया।
    मुंहज़ुबानी प्रचार (Word of Mouth) संस्थान का सबसे मजबूत माध्यम बन गया और प्रवेश संख्या धीरे-धीरे बढ़ती चली गई।

    गुणवत्ता के प्रति प्रतिबद्धता और सतत सीख

    छात्रों को सर्वोत्तम प्रशिक्षण देने के लिए प्रियंका कुलकर्णी ने तीन प्रतिष्ठित एबेकस प्रशिक्षण केंद्रों से प्रोफेशनल ट्रेनिंग प्राप्त की। उनका मानना है कि एक शिक्षक को निरंतर सीखते रहना चाहिए।

    उन्होंने सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त एबेकस परीक्षा में भाग लेकर विशेष मेरिट हासिल की, जिससे संस्थान की शैक्षणिक विश्वसनीयता और मजबूत हुई।

    राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान

    आशापुरक एबेकस के छात्रों ने

    • राष्ट्रीय

    • अंतरराष्ट्रीय

    • ऑनलाइन और ऑफलाइन
      प्रतियोगिताओं में लगातार शानदार प्रदर्शन किया है।

    छात्रों ने पदक, प्रमाणपत्र और कई सम्मान प्राप्त किए, जिससे संस्थान को व्यापक पहचान मिली।

    प्रमुख सम्मान और पुरस्कार

    संस्थान और संस्थापक को मिले प्रमुख पुरस्कारों में शामिल हैं—

    • आदर्श शिक्षिका पुरस्कार (2023) – प्रगति बहुउद्देशीय संस्था द्वारा

    • परफॉर्मर ऑफ द ईयर अवॉर्ड (2024) – गुरु एजुकेशन, पुणे द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय एबेकस प्रतियोगिता में

    • बेस्ट टीचर अवॉर्ड (2024) – संभाजीनगर में आयोजित प्रतियोगिता में, जहां आशापुरक के छात्रों ने भी कई पुरस्कार जीते

    समग्र बाल विकास पर विशेष जोर

    आशापुरक एबेकस सिर्फ गणितीय कौशल तक सीमित नहीं है। संस्थान बच्चों के समग्र विकास पर विशेष ध्यान देता है।

    हर वर्ष

    • विभिन्न प्रतियोगिताएं

    • स्किल-बेस्ड गतिविधियां

    • व्यक्तित्व विकास कार्यक्रम
      आयोजित किए जाते हैं।

    इन गतिविधियों से बच्चों में
    एकाग्रता, स्मरण शक्ति, गति, आत्मविश्वास और अनुशासन जैसे गुण विकसित होते हैं, जो उनके जीवन के हर क्षेत्र में सहायक बनते हैं।

    छोटे क्लासरूम से सफल शैक्षणिक उद्यम तक

    एक छोटे से प्रयास के रूप में शुरू हुआ यह संस्थान आज एक सफल शैक्षणिक उद्यम बन चुका है। प्रशिक्षित शिक्षकों की बढ़ती मांग को देखते हुए अब एबेकस टीचर्स ट्रेनिंग प्रोग्राम भी शुरू किया गया है।

    इस पहल के माध्यम से नए शिक्षकों को सशक्त बनाया जा रहा है और संस्थान का प्रभाव क्षेत्र और भी विस्तृत हो रहा है।

    शिक्षा क्षेत्र में प्रेरणा की मिसाल

    प्रियंका तुषार कुलकर्णी की यात्रा यह साबित करती है कि
    दृष्टि, धैर्य और जमीनी स्तर पर नवाचार के जरिए गैर-मेट्रो क्षेत्रों में भी शिक्षा की तस्वीर बदली जा सकती है।

    आशापुरक एबेकस एंड कोचिंग इंस्टीट्यूट के माध्यम से उन्होंने न सिर्फ बच्चों के भविष्य को संवारने का कार्य किया है, बल्कि शिक्षा-आधारित उद्यमिता का एक मजबूत और टिकाऊ मॉडल भी स्थापित किया है।

    सम्मान और पहचान

    प्रियंका तुषार कुलकर्णी की इस शानदार उपलब्धि को “Maharashtra Business Icon 2025 / Maharashtra Style Icon 2025 / Maharashtra Fashion Icon 2025” जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों के लिए चुना गया है। यह सम्मान Reseal.in और India Fashion Icon Magazine द्वारा उन उभरते उद्यमियों और रचनात्मक प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए दिया जाता है, जिन्होंने अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान दिया है।

    भव्य पुरस्कार समारोह

    इस पुरस्कार समारोह में कई प्रसिद्ध फिल्मी हस्तियाँ शामिल होंगी:
    वर्षा उसगांवकर – बॉलीवुड अभिनेत्री
    सोनाली कुलकर्णी – भारतीय अभिनेत्री
    प्रार्थना बेहेरे – भारतीय अभिनेत्री

    यह आयोजन श्री सुधीर कुमार पठाडे, Founder & CEO, Sure Me Multipurpose Pvt. Ltd. (Reseal.in) के नेतृत्व में आयोजित किया जाएगा, जो महाराष्ट्र के उद्यमियों और प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच देने के लिए कार्यरत हैं

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