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  • समृद्धि प्री-स्कूल: विश्वास और मूल्यों की शिक्षा

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    आज के समय में जहां सफलता को धन और पद से आंका जाता है, वहीं कुछ लोग सेवा, समर्पण और समाज निर्माण के जरिए सफलता की नई परिभाषा गढ़ते हैं।
    नासिक के रवसाहेब रमेश हिरे और उनकी पत्नी मनीषा हिरे ऐसे ही विरले शिक्षाविद हैं, जिन्होंने ज्ञानदान—अर्थात ज्ञान के दान—को अपने जीवन का उद्देश्य बनाया।

    उनकी प्रेरणा का मूल मंत्र श्रीमद्भगवद्गीता का यह श्लोक है—
    “कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन”
    अर्थात कर्तव्य करो, फल की चिंता मत करो।
    इसी दर्शन ने आज नासिक की एक प्रेरक शैक्षणिक सफलता कथा को जन्म दिया है।

    2007: एक विचार, जो संघर्ष से गुज़रा

    वर्ष 2007 में रवसाहेब हिरे के मन में यह दृढ़ विश्वास जगा कि समाज को दिया जाने वाला सबसे बड़ा उपहार शिक्षा है। उन्होंने पारंपरिक गुरुकुल पद्धति पर आधारित एक विद्यालय स्थापित करने का सपना देखा।

    हालांकि, शैक्षणिक संस्थान शुरू करने की सीमित जानकारी के कारण वे एक धोखेबाज़ एजेंट का शिकार हो गए, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
    लेकिन यह असफलता उनके हौसले को तोड़ने के बजाय और मजबूत कर गई।

    धुले से नासिक तक: सपना जीवित रहा

    जीवन की परिस्थितियां हिरे परिवार को धुले जिले से नासिक ले आईं। रवसाहेब ने यहां विभिन्न क्षेत्रों में काम किया, लेकिन शिक्षा का सपना कभी पीछे नहीं छूटा।

    विवाह के बाद, उन्होंने अपने गांव और नासिक की शिक्षा प्रणाली में स्पष्ट अंतर महसूस किया। यहीं से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की उनकी इच्छा और गहरी हो गई।

    2014: सपने को मिला साथी

    वर्ष 2014 में यह विचार एक बार फिर मजबूती से उभरा। जब रवसाहेब ने अपना सपना पत्नी मनीषा हिरे से साझा किया, तो उन्होंने पूरे मन से इस मिशन का हिस्सा बनने का निर्णय लिया।

    दोनों ने कड़ी तैयारी की और
    9 जून 2014, मनीषा हिरे के जन्मदिन के विशेष अवसर पर,
    “The Kids Campus Pre-School” का शुभारंभ किया।               

    शून्य संसाधन, अपार समर्पण

    स्कूल की सजावट, बैनर, पंपलेट और बच्चों के लिए एक स्नेहपूर्ण वातावरण—सब कुछ दंपति ने स्वयं तैयार किया।
    प्रचार तो हुआ, लेकिन शिक्षकों और स्टाफ के लिए संसाधन नहीं थे।

    ऐसे समय में मनीषा हिरे ने

    • शिक्षिका

    • सहायिका

    • और देखभालकर्ता
      सभी भूमिकाएं स्वयं निभाईं।

    पहले वर्ष में मात्र 3 छात्र (जिसमें उनकी बेटी भी शामिल थी) के साथ स्कूल की शुरुआत हुई।

    गुणवत्ता ने बनाया भरोसा

    संख्या भले ही कम थी, लेकिन शिक्षण की गुणवत्ता ने सबका ध्यान खींचा।
    बच्चों को स्कूल आना अच्छा लगने लगा और अभिभावकों का भरोसा बढ़ता गया।

    अगले ही वर्ष प्रवेश संख्या में वृद्धि हुई। शिक्षक स्वयं जुड़ने लगे और दंपति ने अपना स्वतंत्र पाठ्यक्रम विकसित किया, जिससे स्कूल की पहचान और मजबूत हुई।

    पहचान की रक्षा और नया नाम

    जैसे-जैसे स्कूल सफल हुआ, कुछ प्रतिस्पर्धियों द्वारा उसके नाम के दुरुपयोग से भ्रम की स्थिति पैदा होने लगी।
    अपनी विशिष्ट पहचान बनाए रखने के लिए स्कूल का नाम बदला गया—

    “समृद्धि इंग्लिश मीडियम प्री-स्कूल”,
    जो उनकी बेटी के नाम पर रखा गया।

    कोविड संकट और अटूट विश्वास

    इसके तुरंत बाद वैश्विक कोविड-19 महामारी ने सब कुछ चुनौतीपूर्ण बना दिया।
    नन्हे बच्चों के लिए ऑनलाइन शिक्षा बेहद कठिन साबित हुई। सहभागिता कम थी और संचालन मुश्किल।

    फिर भी, दंपति ने गीता के सिद्धांत को नहीं छोड़ा—
    कर्म करते रहो, फल ईश्वर पर छोड़ दो।

    धैर्य, निरंतरता और सकारात्मक सोच के साथ वे इस दौर से भी निकल आए।

    आज: दो शाखाएं, एक बड़ा सपना

    महामारी के बाद समृद्धि इंग्लिश मीडियम प्री-स्कूल ने फिर से मजबूती से उड़ान भरी।
    आज यह संस्थान नासिक में दो सफल शाखाओं के साथ संचालित हो रहा है।

    3 छात्रों से शुरू हुआ यह सफर वर्षों की मेहनत, विश्वास और नैतिक शिक्षा का परिणाम है।

    भविष्य की दिशा

    रवसाहेब और मनीषा हिरे का सपना अब और बड़ा हो चुका है—
    महाराष्ट्र भर में और फिर पूरे भारत में स्कूलों की श्रृंखला स्थापित कर शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक योगदान देना।

    प्रेरणा का जीवंत उदाहरण

    यह कहानी सिर्फ एक शैक्षणिक उद्यम की नहीं, बल्कि—

    • निस्वार्थ सेवा

    • संघर्ष में धैर्य

    • नैतिक मूल्यों में आस्था

    • और आने वाली पीढ़ी को संवारने के जुनून

    की सशक्त मिसाल है।

    रवसाहेब और मनीषा हिरे का कार्य आज अनगिनत अभिभावकों, शिक्षकों और बच्चों को प्रेरणा दे रहा है।

    सम्मान और पहचान

    रवसाहेब रमेश हिरे और मनीषा हिरे  की इस शानदार उपलब्धि को “Maharashtra Business Icon 2025 / Maharashtra Style Icon 2025 / Maharashtra Fashion Icon 2025” जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों के लिए चुना गया है। यह सम्मान Reseal.in और India Fashion Icon Magazine द्वारा उन उभरते उद्यमियों और रचनात्मक प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए दिया जाता है, जिन्होंने अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान दिया है।

    भव्य पुरस्कार समारोह

    इस पुरस्कार समारोह में कई प्रसिद्ध फिल्मी हस्तियाँ शामिल होंगी:
    वर्षा उसगांवकर – बॉलीवुड अभिनेत्री
    सोनाली कुलकर्णी – भारतीय अभिनेत्री
    प्रार्थना बेहेरे – भारतीय अभिनेत्री

    यह आयोजन श्री सुधीर कुमार पठाडे, Founder & CEO, Sure Me Multipurpose Pvt. Ltd. (Reseal.in) के नेतृत्व में आयोजित किया जाएगा, जो महाराष्ट्र के उद्यमियों और प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच देने के लिए कार्यरत हैं

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