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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में दुनिया की सबसे बड़ी तकनीकी कंपनियाँ 2026 में व्यापक निवेश करने वाली हैं — इतना कि उनका कुल खर्च भारत सरकार के पूरे वार्षिक खर्च के लगभग बराबर हो सकता है।
ब्रोकरेज और विश्लेषणों के अनुसार, Google, Meta, Amazon और Microsoft जैसे चार प्रमुख टेक दिग्गज मिलकर लगभग $650 अरब (करीब ₹53 लाख करोड़) तक AI और संबंधित इन्फ्रास्ट्रक्चर में निवेश करने वाले हैं। इस राशि को केवल AI-सपोर्टिंग डेटा सेंटर्स, उन्नत कंप्यूटिंग नेटवर्क, GPUs, सर्वर्स और AI मॉडल प्रशिक्षण में खर्च किया जाएगा।
इसके मुकाबले, 2026-27 के लिए भारत सरकार का कुल वार्षिक खर्च लगभग $670 अरब (लगभग इसी आकार का बजट) रखा गया है — यानी वैश्विक Big Tech कंपनियों का AI निवेश 2026 में देश के सर्वव्यापी सरकारी खर्च के बराबर होने की कगार पर है। इसका मतलब है कि कुछ ही कंपनियों के पास AI-तकनीक को आगे बढ़ाने के लिए वृहद संसाधन हैं, जो कई देशों की अर्थव्यवस्था के बराबर हैं।
निवेश का फोकस कहाँ?
AI डेटा सेंटर्स और इन्फ्रास्ट्रक्चर:
World’s top tech firms अपने वैश्विक नेटवर्क के विस्तार में अरबों डॉलर लगा रहे हैं, ताकि GenAI और भविष्य के AI मॉडलों के प्रशिक्षण और वितरण के लिए ज़रूरी कंप्यूटिंग क्षमता प्राप्त हो सके।
कंप्यूटिंग तकनीक और AI मॉडल:
Cloud प्लेटफॉर्म, AI चिप्स, सर्वर ग्रेड GPUs, नेटवर्किंग इंफ्रास्ट्रक्चर और मौजूदा सेवाओं को AI-सक्षम बनाने में बड़े स्तर पर धनराशि खर्च हो रही है।
शेयर मार्केट में प्रतिक्रिया:
इन विशाल निवेश योजनाओं के चलते तकनीकी शेयरों में मंदी और अस्थिरता भी देखी गई — जैसे कि Amazon के शेयरों में गिरावट आई है, क्योंकि निवेशकों को उच्च AI खर्च के कारण लाभ में देर होने का डर है।
वैश्विक निवेश बनाम भारतीय बजट — तुलनात्मक तस्वीर
| तुलना | अनुमानित खर्च/आंकड़ा |
|---|---|
| Google, Microsoft, Meta, Amazon का 2026 AI निवेश | ~$650 अरब (लगभग ₹53 लाख करोड़) |
| भारत सरकार का 2026-27 कुल खर्च (बजट) | ~$670 अरब (लगभग समान स्तर) |
नवंबर-दिसंबर 2025 और 2026 की फॉरकास्ट रिपोर्टों के मुताबिक, टेक कंपनियों के AI-कैपेक्स (capital expenditure) के लगभग $600-$650 अरब तक पहुँचने का अनुमान है — जो पिछले वर्षों के निवेश की तुलना में भारी वृद्धि दर्शाता है।
क्या यह संकेत देता है?
विश्लेषकों के अनुसार यह निवेश:
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AI को वैश्विक आधार पर अगले दशक की तकनीकी क्रांति स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
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कंपनियाँ अपने प्लेटफॉर्म और सेवाओं में AI-सक्षमता को बढ़ाकर प्रतिस्पर्धा में आगे रहने की कोशिश कर रही हैं।
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इस निवेश प्रवृत्ति से तकनीकी नौकरियों, डेटा सेंटर्स और AI-सक्षम उत्पादों में वैश्विक क्षमता का विस्तार होगा।








