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भारत के उत्तर-पूर्वी राज्य मेघालय के ईस्ट जैंटिया हिल्स जिले में एक अवैध कोयला खदान में हुआ भीषण विस्फोट कम से कम 18 मजदूरों की जान ले गया, जबकि कई अन्य अभी भी फँसे होने का खतरा जताया जा रहा है। स्थानीय पुलिस और बचाव दल द्वारा जारी बयान के अनुसार, यह घटना एक ‘रैट-होल’ (rat-hole) कोयला खदान में हुई — जो देश में प्रचलित अवैध और अत्यंत खतरनाक खनन तकनीकों में से एक है।
पुलिस अधीक्षक विकाश कुमार ने बताया कि मरने वाले मजदूरों के शव निकाले जा चुके हैं, जबकि एक घायल व्यक्ति को इलाज के लिए शिलांग रेफर किया गया है। बचाव टीमें अभी भी खदान में फँसे हुए अन्य मजदूरों को खोजने के लिए काम कर रही हैं।
रैट-होल खनन वह तरीका है जिसमें गहरे, संकरे सुरंगों के ज़रिये मानव श्रमिकों को नीचे भेजा जाता है ताकि कोयला निकाला जा सके — यह प्रक्रिया बेहद ख़तरनाक मानी जाती है और भारत के कई हिस्सों में इसके कारण पहले भी मौतों की घटनाएँ हो चुकी हैं।
घटना के बाद मेघालय सरकार और स्थानीय प्रशासन ने तत्परता से बचाव, राहत और जांच कार्यों को आगे बढ़ाया है। राज्य सरकार ने इस हादसे की जाँच के आदेश दिए हैं और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख़्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों को मुआवज़ा देने की घोषणा की है।
यह दुर्घटना बैन किए गए रैट-होल खनन के बावजूद ऐसे खतरनाक अवैध कामों की निरंतरता और श्रमिकों की सुरक्षा के मुद्दों पर फिर से सवाल खड़े करती है।








