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Google के CEO सुंदर पिचाई ने हाल ही में कंपनी के चौथे तिमाही (Q4) के परिणाम घोषित करते हुए कहा कि वह Apple के साथ चल रही साझेदारी को लेकर संतुष्ट हैं, जिसमें Google को Apple का “Preferred Cloud Provider” चुना गया है। इस साझेदारी का लक्ष्य अगली पीढ़ी के Apple Foundation Models को विकसित करना है — जो Google की Gemini AI तकनीक पर आधारित होंगे।
पिचाई के अनुसार, यह सहयोग Google Cloud और AI तकनीक को आगे बढ़ाने में मदद करेगा। साझेदारी के जरिए Apple के लिए नवीन AI क्षमता वाले मॉडल तैयार किए जाएंगे, जिससे विशेष रूप से AI-समर्थित फीचर्स जैसे Siri को और सक्षम बनाया जा सकता है।
हालाँकि पिचाई ने साझेदारी के बारे में सकारात्मकता जताई, लेकिन कंपनी ने महत्वपूर्ण विवरणों पर खुलकर नहीं बताया — उदाहरण के लिए डेटा किस ढंग से साझा होगा, या उपयोगकर्ता की जानकारी कहाँ प्रोसेस होगी, इन पर कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। कुछ विश्लेषक इसे उधारणात्मक और अस्पष्ट भी बता रहे हैं।
इस साझेदारी को तकनीकी जगत में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, क्योंकि Google की Cloud और AI क्षमताएँ और Apple का विशाल स्मार्टफोन उपयोगकर्ता आधार मिलकर नए स्तर पर AI अनुभव प्रदान कर सकते हैं।
इस साझेदारी से क्या अपेक्षित है?
📌 AI और क्लाउड सहयोग का विस्तार:
Google Cloud अब Apple के लिए एक प्राथमिक क्लाउड प्रदाता के रूप में काम करेगा, खासकर उन AI परियोजनाओं में जो नए Foundation Models का निर्माण कर रहे हैं।
📌 Siri का AI उन्नयन:
इस साझेदारी के कारण अगली पीढ़ी की Siri (Apple का वॉइस असिस्टेंट) और अन्य AI-समर्थित फीचर्स में बेहतर क्षमता वाले Gemini-आधारित मॉडल का इस्तेमाल संभव हो सकता है। हालांकि Apple ने स्पष्ट किया है कि उनके मानक प्राइवेसी नियम जारी रहेंगे।
📌 तकनीकी और प्रतिस्पर्धात्मक लाभ:
Apple के लिए AI-सक्षमता बढ़ाना महत्वपूर्ण है क्योंकि यह OpenAI, Microsoft, और अन्य प्रतिस्पर्धियों के AI टूल्स के साथ प्रतिस्पर्धा करने में मदद करेगा। Google के लिए यह साझेदारी Cloud-AI बाजार में और मजबूती लाएगी।








