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भारतीय रक्षा उद्योग की दिलचस्प खबर में हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने स्पष्ट किया है कि पांच LCA Mk1A (तेजस Mk1A) लड़ाकू विमान भारतीय वायुसेना (IAF) को डिलीवरी के लिए पूरी तरह तैयार हैं, हालाँकि डिलीवरी शीघ्र होने की तारीख अब भी अनिश्चित बनी हुई है।
HAL ने मीडिया रिपोर्टों के बाद स्पष्टीकरण जारी किया जिसमें कहा गया कि ये पांच विमान अनुबंध में तय सभी प्रमुख क्षमताओं के साथ तैयार हैं और तकनीकी स्पेसिफ़िकेशन के अनुरूप हैं। कंपनी ने यह भी बताया कि अतिरिक्त नौ Mk1A विमान पहले ही तैयार और उड़ाए जा चुके हैं, और जैसे ही उनके लिए आवश्यक इंजन मिलेंगे उन्हें भी सौंप दिया जाएगा।
देरी के सवाल
बाज़ार और रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इन विमानों की औपचारिक डिलीवरी में देरी हो सकती है, क्योंकि अभी अंतिम गुणवत्ता जांच, सर्टिफ़िकेशन/स्वीकृति प्रक्रियाएँ, और इंजन आपूर्ति जैसे आवश्यक कदम पूरे होने बाकी हैं। कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि वायुसेना की Staff Qualitative Requirements (SQR) अब तक पूरी नहीं हुई हैं, जिससे डिलीवरी में अतिरिक्त महीनों की देरी संभव है।
HAL ने यह भी कहा कि GE Aerospace से इंजन आपूर्ति सकारात्मक दिशा में है और अब तक पाँच GE इंजन प्राप्त हो चुके हैं, जिससे आगे की विमानों को तैयार करने की प्रक्रिया में मदद मिलेगी।
क्यों है तेजस Mk1A महत्वपूर्ण?
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LCA Mk1A तेजस भारत के स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान का अपग्रेडेड वर्ज़न है, जिसमें उन्नत एवियोनिक्स, AESA रडार, बेहतर इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर प्रणाली और एयर-टू-एयर मिसाइलों के उपयोग की क्षमता है।
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भारतीय वायुसेना की मौजूदा लड़ाकू क्षमता में वृद्धि और पुराने विमानों को बदलने में Mk1A का बड़ा योगदान माना जाता है।
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2025 में रक्षा मंत्रालय ने कुल 97 Mk1A विमान (68 सिंगल-सीट + 29 ट्रेनर) के ऑर्डर को ₹62,370 करोड़ से अधिक की परियोजना के तहत मंज़ूरी दी थी, जिनकी डिलीवरी 2027-28 से शुरू होने की उम्मीद है।








