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दुनिया की टेक्नोलॉजी दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट ने एक नई वरिष्ठ भूमिका — Engineering Quality Head — की घोषणा की है, ताकि उसके सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग और गुणवत्ता नियंत्रण में और मजबूती लाई जा सके। यह निर्णय लगभग एक साल बाद आया है जब कंपनी के सीईओ सत्या नडेला ने बताया था कि कंपनी का लगभग 30 % कोड अब AI द्वारा लिखा जा रहा है।
कंपनी ने चार्ली बेल को इस नई पदवी पर नियुक्त किया है, जो पहले माइक्रोसॉफ्ट की सुरक्षा विभाग के प्रमुख थे। इस परिवर्तन का उद्देश्य AI-लिखित कोड से उत्पन्न तकनीकी बग्स और गुणवत्ता-संबंधी चिंताओं को अधिक प्रभावी ढंग से संबोधित करना बताया जा रहा है। बेल अब सीधे सीईओ सत्या नडेला को रिपोर्ट करेंगे और विशेष रूप से इंजीनियरिंग गुणवत्ता सुधार पर ध्यान देंगे।
AI-लिखित कोड का प्रभाव और गुणवत्ता पर प्रश्न
पिछले वर्ष अप्रैल में सत्या नडेला ने कहा था कि माइक्रोसॉफ्ट के प्रोजेक्ट्स का लगभग 30 % कोड अब AI टूल्स से तैयार हो रहा है, जिससे सॉफ्टवेयर विकास की गति तेज़ हुई है। हालांकि तेजी में वृद्धि आई है, AI-लिखित कोड की गुणवत्ता और विश्वसनीयता को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं, क्योंकि इस तरह के कोड में अक्सर बग्स की संख्या अधिक पाई जा रही है।
कुछ विश्लेषकों के अनुसार AI-जेनरेटेड कोड तेजी से बन जाता है लेकिन परीक्षण और सुधार की प्रक्रिया में मानवीय सावधानी की आवश्यकता होती है, जिससे समय-समय पर बग्स और गुणवत्ता-समस्याएँ सामने आती हैं। यह नियुक्ति इसी चुनौती का सामना करने के लिए उठाया गया एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है।
बदलाव के पीछे रणनीति
इस नियुक्ति के साथ ही माइक्रोसॉफ्ट ने संकेत दिया है कि वह तेजी से बढ़ रहे AI-निर्मित सॉफ़्टवेयर कोड की गुणवत्ता सुनिश्चित करना चाहता है। कंपनी ने हाल के महीनों में Windows 11 में कुछ बग्स और प्रदर्शन और स्थिरता-संबंधी समस्याओं का भी सामना किया है, जिससे स्पष्ट होता है कि तकनीकी उत्पादों में उच्च गुणवत्ता नियंत्रण अब प्राथमिकता बन गया है।
बेल की नियुक्ति के साथ ही सुरक्षा विभाग में भी बदलाव आया है, और एक अनुभवी Google-उत्पाद विशेषज्ञ को सुरक्षा प्रमुख के रूप में लाया गया है, ताकि कंपनी के सुरक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर को और मज़बूत किया जा सके।
आगे की चुनौतियाँ
जैसे-जैसे AI तकनीक सॉफ़्टवेयर विकास की दुनिया में बढ़ती भूमिका निभा रही है, गुणवत्ता, परीक्षण और विश्वसनीयता को लेकर कंपनियों के सामने नए प्रश्न उठ रहे हैं। माइक्रोसॉफ्ट की यह पहल इस बात का संकेत है कि चाहे कोड कितना भी AI-सहायता से तैयार हो, कठोर गुणवत्ता नियंत्रण मानव-मध्यस्थता के बिना अधूरा है।








