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सिन्नर थर्मल पावर प्लांट के लंबे समय से बंद पड़े प्लांट को दो बिजली उत्पादन यूनिट्स को फिर से शुरू करने की तैयारी तेज़ कर दी गई है। 2017 के बाद बंद पड़े इन यूनिट्स को महागेनको (MAHAGENCO) और एनटीपीसी (NTPC) के संयुक्त प्रयास से पहले चरण में चालू किया जाएगा, जिससे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति को मज़बूती मिलेगी — खासकर आगामी सिम्हास्त्र कुम्भ मेले के समय।
महागेनको के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अब तक ज़्यादातर औपचारिक प्रक्रियाएँ पूरी कर ली गई हैं और 270 मेगावाट क्षमता वाले दो यूनिट्स की साफ़-सफाई और सर्विसिंग शीघ्र शुरू होगी। इन यूनिट्स को 2017 में बंद कर दिया गया था, और अब उन्हें दोबारा चालू करने की योजना है, ताकि बिजली की माँग को पूरा करने में मदद मिले।
बिजली आपूर्ति और ग्रिड स्थिरता
प्लांट चालू होने से बाभलेश्वर-नाशिक ग्रिड पर दबाव कम होगा और स्थानीय उद्योगों को स्थिर एवं गुणवत्ता-युक्त बिजली मिल सकेगी। अधिकारी ने कहा कि यह विशेष रूप से उन दिनों महत्वपूर्ण होगा जब कुम्भ मेले जैसे बड़े आयोजन में ज़्यादा बिजली की जरूरत पड़ेगी।
थर्मल पावर प्लांट के संचालन के लिए रोज़ाना लगभग 8,000 टन कोयले की आवश्यकता होगी, और फिलहाल रेल लिंकिंग मुद्दों के कारण कोयला सड़क मार्ग से सिन्नर फाटा-सिन्नर के रास्ते लाया जाएगा। इसके अलावा पानी की आपूर्ति पाइपलाइन की मरम्मत और परीक्षण भी किया जा रहा है ताकि पानी संबंधी चुनौतियाँ न हों।
परियोजना का इतिहास और वर्तमान स्थिति
यह 1,350 मेगावाट क्षमता वाला कोयला आधारित तापीय पावर प्रोजेक्ट राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (NCLT) द्वारा मंज़ूर किए गए पुनरुद्धार योजना के तहत महागेनको-एनटीपीसी के संयुक्त नियंत्रण में है। 2025 के अंत में NCLT ने इस योजना को मंज़ूरी दी थी, जिसने इस प्रोजेक्ट को फिर से जीवन में लाने की राह आसान की।
यूज़ किए जाने वाले यूनिट्स में से दो को प्राथमिकता दी जा रही है ताकि बड़े आयोजन और विद्युत नेटवर्क की माँग को पहले ही संतुलित किया जा सके। बाद के चरणों में अन्य यूनिट्स की भी मरम्मत और सर्विसिंग पर काम किया जायेगा।








