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संसद के बजट सत्र 2026 के बीच विपक्ष द्वारा **लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस पेश किया गया था। हालांकि, लोकसभा सचिवालय ने आज इस नोटिस में कई प्रक्रियागत त्रुटियाँ पाई हैं, जिससे इसे नियमों के तहत खारिज किया जा सकता था।
क्या समस्या रही?
संसद सचिवालय के अनुसार नोटिस में गलत तारीखों का जिक्र था — कई स्थानों पर फरवरी 2025 का हवाला दिया गया, जबकि बजट सत्र 2026 में है। ऐसी त्रुटियाँ नियमों के अनुरूप दस्तावेज़ न होने पर इसे खारिज करने का कारण बन सकती थीं।
स्पीकर ने क्या किया?
स्पीकर ओम बिरला ने इस नोटिस को तुरंत खारिज करने की बजाय, सचिवालय को त्रुटियों को ठीक करने और नोटिस को संशोधित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा है कि इससे संसदीय प्रक्रिया को नियमों के अनुरूप रखा जाएगा और आगे की कार्रवाई इसी के आधार पर की जायेगी।
अब क्या होगा?
संशोधित नोटिस को जब फिर से जमा किया जाएगा, तब इसे बजट सत्र के दूसरे चरण के बाद सूचीबद्ध किया जाएगा और चर्चा/निर्णय के लिए आगे बढ़ाया जा सकता है। कुछ सूत्रों के अनुसार इसे 9 मार्च 2026 को चर्चा के लिए पेश किया जा सकता है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि:
यह कदम उस राजनीतिक गतिरोध में आया है जिसमें विपक्ष ने आरोप लगाया है कि स्पीकर निष्पक्ष नहीं रहे और बजट सत्र में विपक्षियों को बोलने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया। ऐसे आरोपों के बीच यह नोटिस संसदीय प्रक्रिया का एक दुर्लभ लेकिन संवैधानिक उपाय है।








