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प्रस्तावित जळगाव–जालना रेलवे मार्ग के साथ जुड़ी एक नई योजना के तहत शहर में दूसरे रेलवे स्टेशन के निर्माण पर विचार चल रहा है। यह विचार इस बात से उठ रहा है कि वर्तमान जळगाव जंक्शन पर बढ़ते यात्री और मालवाहक ट्रैफिक का भार काफी अधिक है, जिससे भीड़-भाड़ और व्यवस्थाओं की समस्याएँ उत्पन्न होती हैं।
बरताव क्यों जरूरी?
वर्तमान जळगाव जंक्शन ही शहर का एकमात्र बड़े पैमाने का स्टेशन है जहाँ से रोज हजारों यात्री और मालगाड़ियाँ गुजरती हैं, जिसके चलते फलाट, टिकट काउंटर तथा पार्किंग जैसी सेवाओं पर दबाव बढ़ता जा रहा है। शहर की बढ़ती आबादी और औद्योगिक गतिविधियों के कारण यह समस्या और गंभीर होती जा रही है।
दूसरा स्टेशन कहाँ?
यह प्रस्ताव मुख्य रूप से प्रस्तावित रिंग रोड और जळगाव–जालना कॉरिडोर के आसपास के बाहरी हिस्सों में नया रेलवे स्टेशन बनाने पर आधारित है, जिससे शहर के भीतर के ट्रैफिक से अलग एक आधुनिक स्टेशन कार्य कर सके और भीड़ कम हो।
क्या फायदे होंगे?
🔹 भार कम: नए स्टेशन से जळगाव जंक्शन पर यातायात और मालभाड़ा का भार कम हो सकता है।
🔹 यात्री सुविधा: नई सुविधाओं सहित प्लेटफार्म और टिकटिंग व्यवस्थाएँ यात्रियों के लिए और अधिक सुविधाजनक हो सकती हैं।
🔹 लॉजिस्टिक हब: विशेषज्ञों का मानना है कि नया स्टेशन लॉजिस्टिक केंद्र के रूप में आसपास के औद्योगिक और कृषि माल के परिवहन को बढ़ावा देगा, जिससे रोजगार और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी बल मिलेगा।
अब क्या होगा?
यह प्रस्ताव फिलहाल प्रारंभिक चर्चाओं के स्तर पर है। प्रशासन, रेलवे विभाग और शहरी विकास योजनाओं से जुड़े अधिकारियों की समीक्षा और आगे की रणनीति पर निर्णय लिया जाना बाकी है। यदि यह परियोजना आगे बढ़ती है, तो यह शहर के रेल नेटवर्क और आर्थिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जाएगा।








