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गोदावरी नदी के किनारे अगले वर्ष गोदावरी पुष्करम 2027 जैसी बड़ी धार्मिक महोत्सव की तैयारी को बेहतर बनाने के उद्देश्य से तेलंगणा शासन का वरिष्ठ प्रतिनिधि मंडल नाशिक का दो-दिवसीय अध्ययन दौरे पर आया है। इस दौरान उन्होंने न केवल नाशिक-त्र्यंबकेश्वर ‘सिंहस्थ’ कुंभ मेळा 2027 से जुड़े प्रबंधन संरचना और व्यवस्थाओं का जायजा लिया, बल्कि अनुभव साझा करने के लिए प्रशासनिक और पायाभूत-सुविधा योजनाओं का अवलोकन भी किया।
यह दौरा तेलंगणा में गोदावरी पुष्करम 2027 के आयोजन से पहले आयोजित किया जा रहा है, ताकि वहाँ के अधिकारी और विभाग वृहद धार्मिक आयोजन के अनुभव और बेहतर प्रबंधन तकनीकों को समझ सकें। प्रतिनिधि मंडल में धर्मादाय विभाग के प्रधान सचिव शैलजा रमैय्यर, विभागीय सलाहकार, कार्याधिकारी, क्षेत्रीय सह आयुक्त और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
दौरे के पहले दिन, टीम ने रामकुंड और गोदावरी नदी के किनारे घाटों की क्षमता, नदी-तट की पायाभूत सुविधाओं और सुरक्षा प्रबंधन की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इसके अलावा पंचवटी क्षेत्र में पैदल यातायात नियोजन, फेरीवालों के نظم-व्यवस्था और ऐतिहासिक क्षेत्रों से जुड़ी व्यवस्थाएँ भी देखी गईं।
टीम ने कालाराम मंदिर परिसर में मंदिर प्रांगण तथा भीड़ नियंत्रण की चुनौतियों, साथ ही साधु-महंतों के अस्थायी निवास की योजनाओं का अवलोकन भी किया और शाम को गोदा आरती का प्रबंधन समझा। इस अध्ययन दौरे का उद्देश्य है कि तेलंगणा प्रशासन स्वयं अपने कार्यक्रम के लिए कुंभ जैसे भव्य आयोजन का प्रबंधन बेहतर ढंग से लागू कर सके।
इस दौरे में नाशिक-त्र्यंबकेश्वर के कुंभमेळा प्राधिकरण, नाशिक महानगरपालिका और शहर पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे, जहाँ पर विभागों के बीच समन्वय, जिम्मेदारियों का वितरण तथा संचालन-स्तर की रणनीतियाँ पर विस्तृत चर्चा हुई।








