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आज के समय में जब आधुनिक विज्ञान और प्राचीन ज्ञान के बीच दूरी बढ़ती जा रही है, ऐसे में सुनील बालमुकुंद कुमार ने इन दोनों को जोड़ने का काम किया है। अपनी संस्था “वास्तु मंत्रा” के माध्यम से उन्होंने हजारों घरों, ऑफिस और उद्योगों में बिना तोड़-फोड़ किए वैज्ञानिक तरीके से वास्तु समाधान देकर लोगों का जीवन बेहतर बनाया है।
IIT से वास्तु विज्ञान तक का सफर
सुनील कुमार ने प्रतिष्ठित आईआईटी दिल्ली से टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी में एम.टेक. की पढ़ाई की। उनकी शिक्षा पूरी तरह वैज्ञानिक और तकनीकी रही। लेकिन उनका मन केवल इंजीनियरिंग तक सीमित नहीं रहा। उन्हें यह जानने की जिज्ञासा थी कि इंसान और उसके रहने के स्थान के बीच क्या गहरा संबंध होता है।
इसी रुचि के कारण उन्होंने वास्तुशास्त्र और अन्य विद्या का गहराई से अध्ययन किया। उन्होंने निम्नलिखित प्रमाणपत्र प्राप्त किए:
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वास्तु भूषण और वास्तु विशारद – ओरिएंटल इंस्टीट्यूट ऑफ साइंसेज, पुणे
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वास्तु रविराज, मुंबई से प्रशिक्षण
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रेकी, इंटीरियर डिजाइनिंग और डाउजिंग पेंडुलम का प्रशिक्षण
इसी वैज्ञानिक सोच और आध्यात्मिक ज्ञान के मेल से “वास्तु मंत्रा” की स्थापना हुई।
18 वर्षों का अनुभव
पिछले 18 वर्षों में सुनील कुमार ने हजारों लोगों को वास्तु परामर्श दिया है। उन्होंने कई क्षेत्रों में काम किया है:
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घर, फ्लैट, बंगले और टाउनशिप
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ऑफिस, बैंक, मॉल और होटल
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फैक्ट्री और उद्योग – टेक्सटाइल, फार्मा, आईटी, ऑटोमोबाइल आदि
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अस्पताल, क्लिनिक और स्कूल
उनकी खास बात यह है कि वे बिना तोड़-फोड़ के समाधान देते हैं। वे दिशा सुधार, ऊर्जा संतुलन, क्रिस्टल, यंत्र और विशेष उपकरणों के माध्यम से जगह को संतुलित करते हैं।
भारत से विदेश तक पहचान
आज वास्तु मंत्रा के 12,000 से अधिक ग्राहक हैं। भारत के साथ-साथ 13 से अधिक देशों में भी उनकी सेवाएं दी जा रही हैं। इनमें शामिल हैं:
अमेरिका, कनाडा, यूके, यूएई, इटली, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, वेस्ट इंडीज, जाम्बिया, नाइजीरिया आदि।
उनकी पत्नी श्रीमती अनुपमा कुमार भी इस कार्य में सहयोग करती हैं। वे क्रिस्टल थेरेपी, ऑरा क्लीनिंग, न्यूमेरोलॉजी और टैरो कार्ड रीडिंग में विशेषज्ञ हैं। वे लोगों को मानसिक और आध्यात्मिक संतुलन देने में मदद करती हैं।
वास्तुशास्त्र क्या है?
सुनील कुमार के अनुसार, वास्तुशास्त्र कोई अंधविश्वास नहीं है। यह एक प्राचीन विज्ञान है जो इन बातों पर आधारित है:
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आठ दिशाओं का प्रभाव
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पाँच तत्वों का संतुलन
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पृथ्वी की गुरुत्वाकर्षण शक्ति
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ब्रह्मांडीय ऊर्जा का असर
वास्तुशास्त्र का उल्लेख अथर्ववेद में मिलता है और यह लगभग 5000 वर्ष पुरानी विद्या है। इसका उद्देश्य इंसान और उसके रहने की जगह के बीच संतुलन बनाना है।
एक अनोखी पहल
सुनील कुमार ने एक खास वास्तु फ्लोर क्लीनर भी तैयार किया है। यह गोमूत्र और जड़ी-बूटियों से बना है। इसके फायदे हैं:
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कीटाणुओं को खत्म करना
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अच्छी खुशबू
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सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाना
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नकारात्मक ऊर्जा को दूर करना
मिशन और उद्देश्य
वास्तु मंत्रा का मुख्य संदेश है:
“जीवन के संघर्ष को कम करना और जीवन में अनुकूलता बढ़ाना।”
उनका लक्ष्य है भारतीय वास्तुशास्त्र को पूरी दुनिया तक पहुंचाना और लोगों के जीवन में शांति, सुख और समृद्धि लाना।
सम्मान और उपलब्धियां
सुनील कुमार को वास्तु और समाज सेवा के क्षेत्र में कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं। वे लगातार सीखते रहते हैं और वैज्ञानिक सोच के साथ काम करते हैं।
आधुनिक जीवन के लिए संतुलित सोच
सुनील बालमुकुंद कुमार ने इंजीनियरिंग की समझ और आध्यात्मिक ज्ञान को एक साथ जोड़कर एक नई राह बनाई है। आज वास्तु मंत्रा यह साबित कर रहा है कि प्राचीन भारतीय ज्ञान को आधुनिक जीवन में सफलतापूर्वक अपनाया जा सकता है।
उनकी कहानी यह सिखाती है कि जब विज्ञान और आध्यात्म साथ चलते हैं, तो घर में सुख, व्यापार में प्रगति और जीवन में संतुलन आता है।
सम्मान और पहचान
सुनील बालमुकुंद कुमार की इस शानदार उपलब्धि को “Maharashtra Business Icon 2025 / Maharashtra Style Icon 2025 / Maharashtra Fashion Icon 2025” जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों के लिए चुना गया है। यह सम्मान Reseal.in और India Fashion Icon Magazine द्वारा उन उभरते उद्यमियों और रचनात्मक प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए दिया जाता है, जिन्होंने अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान दिया है।
भव्य पुरस्कार समारोह
इस पुरस्कार समारोह में कई प्रसिद्ध फिल्मी हस्तियाँ शामिल होंगी:
⭐ वर्षा उसगांवकर – बॉलीवुड अभिनेत्री
⭐ सोनाली कुलकर्णी – भारतीय अभिनेत्री
⭐ प्रार्थना बेहेरे – भारतीय अभिनेत्री
यह आयोजन श्री सुधीर कुमार पठाडे, Founder & CEO, Sure Me Multipurpose Pvt. Ltd. (Reseal.in) के नेतृत्व में आयोजित किया जाएगा, जो महाराष्ट्र के उद्यमियों और प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच देने के लिए कार्यरत हैं








