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अर्थशास्त्र और सूचना-प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सचिव एस कृष्णन ने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिर्फ नौकरियों को बदलने का कारण नहीं है, बल्कि नए रोजगार और बेहतर शासन (गवर्नेंस) के अवसर भी दे रहा है। उनका यह बयान भारत AI Impact Summit 2026 की तैयारियों के दौरान सामने आया।
📌 नौकरी में बदलाव और नए मौके:
कृष्णन ने बताया कि AI के कारण कुछ पारंपरिक नौकरियां धीरे-धीरे बदल सकती हैं, लेकिन काफी नई वैकेंसीज़ और अच्छे करियर विकल्प भी पैदा होंगे। जैसे- आवेदन विकास, डेटा साइंस, AI-आधारित तकनीकी सेवाओं जैसी भूमिकाओं की मांग बढ़ रही है। इससे नई स्किल्स सीखने वाले युवाओं को लाभ मिलेगा और अर्थव्यवस्था में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
📌 शासकीय कामकाज (Governance) में मदद:
कृष्णन ने यह भी कहा कि AI सरकारी सेवाओं और निर्णय-प्रक्रियाओं को तेज और पारदर्शी बना सकता है। इससे जनता की शिकायतों का निपटारा तेजी से हो सकता है और सरकारी नीतियाँ डेटा-आधारित और अधिक प्रभावी बनेंगी।
📌 भारत की रणनीति और तैयारी:
भारत सरकार AI को नवाचार और आर्थिक विकास का एक प्रमुख हिस्सा मानती है। AI तकनीक के लिए कार्य-बल को री-स्किलिंग और अप-स्किलिंग के कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं ताकि लोग बदले हुए नौकरी परिदृश्य में सफल हो सकें। इसके अलावा, सरकारी विभाग AI को अपनाकर डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहे हैं।
कृष्णन का मानना है कि अगर AI का सार्थक और संतुलित उपयोग किया जाए तो यह केवल नौकरी के जोखिम नहीं बल्कि बहुत बड़े सामाजिक-आर्थिक अवसर भी प्रदान करेगा।








