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2026 फॉर्मूला 1 के लिए बहरीन में चल रहे प्री-सीज़न टेस्ट के दौरान सभी शीर्ष टीमों — Ferrari, Mercedes, McLaren और Red Bull — ने एक दिलचस्प बात कही है: कोई भी टीम यह दावा नहीं कर रही कि उसके पास सबसे तेज़ कार है, भले ही समय-समय पर टेस्ट में वे अच्छे नंबर दिखा रहे हों। यह बातचीत F1 के अगले सीज़न के तनाव, रणनीति और अनिश्चितता को उजागर करती है।
🔹 टेस्ट परिणामों में मिश्रित तस्वीर:
पहली टेस्ट में Mercedes के Kimi Antonelli और George Russell ने सबसे तेज़ लैप टाइम दर्ज किया, लेकिन टीम प्रमुख ने कहा कि Red Bull के पावर यूनिट में क्षमता का बड़ा हिस्सा छिपा हुआ हो सकता है और वह रायस की शुरुआत में सबसे बड़ी ताकत साबित हो सकती है।
🔹 Red Bull की प्रतिक्रिया:
Red Bull ने खुद कहा है कि वे ग्रिड पर चौथे सबसे तेज़ हो सकते हैं और Ferrari, Mercedes और McLaren उनसे आगे दिख रहे हैं। उनका कहना है कि वर्तमान में कोई टीम स्पष्ट रूप से सबसे मजबूत नहीं दिख रही और यह बहुत जल्दी है किसी निश्चित निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए।
🔹 McLaren और Ferrari की सोच:
McLaren के स्टार ड्राइवर लैंडो नॉरिस ने स्वीकार किया है कि उनकी कार कमजोर नहीं है, लेकिन वर्तमान में Ferrari और Red Bull के खिलाफ गति में थोड़ा पीछे हैं और टीम को और सुधार करना होगा।
वहीं Ferrari के चार्ल्स लेक्लर ने भी सलाह दी कि टेस्ट के नंबरों को हर हाल में अंत तक माना जाना चाहिए क्योंकि रियल-सीज़न प्रदर्शन पूरी तरह अलग हो सकता है और कई टीमें अपना पूरा पैकेज अब तक छुपा रही हैं।
क्यों सब कुछ अस्पष्ट है?
🔹 बारिश टेस्ट का मुख्य लक्ष्य स्पीड दिखाना नहीं, बल्कि डेटा इकट्ठा करना है,
🔹 टीमें अक्सर टाइम शीज़ को मनमानी तरीके से नियंत्रित करती हैं ताकि प्रतिद्वंदियों को अपना वास्तविक प्रदर्शन न दिखे,
🔹 और 2026 के नए नियमों के तहत, सभी टीमें अभी अपनी कारों और हाइब्रिड सिस्टम्स का अनुभव ले रही हैं।
इसलिए सीज़न की शुरुआत से पहले कोई भी टीम पुख्ता दावा नहीं करना चाहती कि वे सबसे तेज़ वही हैं। बहरीन टेस्ट के नतीजे दर्शाते हैं कि F1 2026 सीज़न अब तक काफी प्रतिस्पर्धी, अस्पष्ट और रोमांचक है, और सबसे बड़ा जवाब अभी ऑस्ट्रेलियन ग्रां प्री (मार्च 6–8) में मिलेगा।








