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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज **असम के दिब्रूगढ़ जिले के मोरान में उत्तर-पूर्व भारत के पहले Emergency Landing Facility (ELF) — आपातकालीन लैंडिंग सुविधा — पर ऐतिहासिक लैंडिंग की। वह इंडियन एयर फ़ोर्स (IAF) के C-130J विमान में चाबुआ एयरफ़ील्ड से उड़ान भरकर राष्ट्रीय राजमार्ग-37 के मोरान बायपास पर बने इस नए रनवे पर उतरे। यह घटना रणनीतिक महत्व और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज़ से ख़ास मानी जा रही है।
यह ELF क्यों महत्त्वपूर्ण है:
🔹 यह उत्तर-पूर्व भारत का पहला Emergency Landing Facility है, जिसकी लम्बाई करीब 4.2 किमी है।
🔹 इसे लगभग ₹100 करोड़ की लागत से तैयार किया गया है और यह IAF के लड़ाकू प्लेन और परिवहन विमान के लैंडिंग-टेकऑफ दोनों के लिए डिज़ाइन किया गया है।
🔹 रनवे सैन्य और नागर विमानन (civil) दोनों के उपयोग के लिए सक्षम है और आपात स्थिति, प्राकृतिक आपदा या रक्षा-संबंधी तैनाती के दौरान तेज़ प्रतिक्रिया में मदद करेगा।
🔹 यह सुविधा डिब्रूगढ़ एयरपोर्ट के सहायक लैंडिंग विकल्प के रूप में भी काम करेगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने लैंडिंग के बाद IAF के विशेष हवाई ज़ोरों का एयर शो भी देखा, जिसमें राफ़ेल और सु-30 जैसे लड़ाकू विमान सहित कई हेलिकॉप्टर और परिवहन विमान शामिल थे।
पश्चिमोत्तर मोर्चे पर बढ़ते रणनीतिक महत्व को ध्यान में रखते हुए यह कदम रक्षा, त्वरित राहत कार्यों और दिल्ली-गुवाहाटी सहित राष्ट्रीय नेटवर्क को मजबूत करने का प्रतीक माना जा रहा है।





