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हरिओम |मैनपुरी | समाचार वाणी न्यूज़
जनपद मैनपुरी में निजी विद्यालयों में केवल एनसीईआरटी की पुस्तकें लागू करने की मांग उठाई गई है। राज्य महिला आयोग की सदस्य रेनू गौड़ ने माध्यमिक एवं बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री को पत्र भेजकर इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी करने की अपील की है।
रेनू गौड़ ने अपने पत्र में कहा कि निजी विद्यालयों में एनसीईआरटी पुस्तकों के स्थान पर स्वनिर्धारित प्रकाशकों की महंगी किताबें लागू कर दी जाती हैं, जिससे अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ता है। उन्होंने मांग की कि सभी निजी विद्यालयों में केवल एनसीईआरटी की पुस्तकें ही अनिवार्य रूप से लागू की जाएं, ताकि शिक्षा सुलभ और किफायती बन सके।
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि विद्यालयों की वेशभूषा (यूनिफॉर्म) में कम से कम पांच वर्षों तक बदलाव न किया जाए। बार-बार ड्रेस बदलने से अभिभावकों को अतिरिक्त खर्च वहन करना पड़ता है। इसके साथ ही उन्होंने विद्यालयों की हाउस प्रणाली में भी स्थिरता लाने की मांग की। उन्होंने कहा कि हर वर्ष विद्यार्थियों का हाउस बदलने के बजाय कम से कम तीन वर्षों तक एक ही हाउस में रखा जाए, जिससे ड्रेस और अन्य सामग्री पर होने वाला खर्च कम किया जा सके।
रेनू गौड़ ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास है, न कि अभिभावकों पर आर्थिक दबाव बढ़ाना। उन्होंने शासन से इस दिशा में स्पष्ट और सख्त दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है, ताकि अभिभावकों को राहत मिल सके।
अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग इस मांग पर क्या निर्णय लेता है।








