इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं।

भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। कमजोर वैश्विक संकेतों और निवेशकों की बिकवाली के कारण बाजार में भारी दबाव रहा। कारोबार के दौरान BSE Sensex और Nifty 50 दोनों प्रमुख सूचकांकों में तेज गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों को करीब 7 लाख करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा।
बाजार में क्यों आई गिरावट
विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के कारण भारतीय बाजार पर दबाव बना।
कारोबार के दौरान सेंसेक्स सैकड़ों अंकों की गिरावट के साथ नीचे आ गया, जबकि निफ्टी भी अहम सपोर्ट स्तर से नीचे फिसल गया।
निवेशकों को बड़ा नुकसान
बाजार में आई इस गिरावट से निवेशकों की संपत्ति में भारी कमी आई है। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप कुछ ही घंटों में करीब 7 लाख करोड़ रुपये तक घट गया।
विशेष रूप से बैंकिंग, आईटी और मेटल सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखी गई।
किन सेक्टरों में सबसे ज्यादा गिरावट
-
बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में तेज गिरावट
-
आईटी कंपनियों के शेयर दबाव में
-
मेटल और ऑटो सेक्टर में भी कमजोरी
हालांकि कुछ रक्षात्मक सेक्टर जैसे एफएमसीजी और फार्मा में सीमित गिरावट देखने को मिली।
निवेशकों के लिए सलाह
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा उतार-चढ़ाव वैश्विक परिस्थितियों से जुड़ा हुआ है। ऐसे में निवेशकों को घबराकर फैसले लेने के बजाय लंबी अवधि की रणनीति पर ध्यान देना चाहिए।
विश्लेषकों के अनुसार अगर वैश्विक हालात स्थिर होते हैं तो आने वाले दिनों में बाजार में फिर से सुधार देखने को मिल सकता है।








