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भारत में हवाई यात्रा जल्द ही महंगी होने वाली है। देश की प्रमुख एयरलाइन IndiGo ने घोषणा की है कि 14 मार्च से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट टिकटों पर फ्यूल सरचार्ज लागू किया जाएगा। इस फैसले के बाद यात्रियों को टिकट बुक करते समय ₹425 से लेकर ₹2300 तक अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है।
कंपनी के अनुसार यह निर्णय विमान ईंधन की बढ़ती कीमतों को देखते हुए लिया गया है। पिछले कुछ समय से एविशन टर्बाइन फ्यूल यानी Aviation Turbine Fuel की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे एयरलाइंस कंपनियों का संचालन खर्च काफी बढ़ गया है।
जानकारी के मुताबिक किसी भी एयरलाइन के कुल ऑपरेशनल खर्च में विमान ईंधन का हिस्सा लगभग 40 प्रतिशत तक होता है। ऐसे में जब ईंधन की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी होती है तो इसका सीधा असर टिकट कीमतों पर पड़ता है। इसी कारण इंडिगो ने फ्यूल सरचार्ज लागू करने का फैसला किया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार देश की अन्य एयरलाइंस कंपनियां भी इसी तरह का कदम उठा सकती हैं। SpiceJet और Akasa Air भी अपने टिकटों पर फ्यूल सरचार्ज लागू करने के विकल्प पर विचार कर रही हैं। इससे आने वाले समय में हवाई यात्रा का खर्च और बढ़ सकता है।
बताया जा रहा है कि इससे पहले Air India और Air India Express ने भी अपने टिकटों पर अतिरिक्त फ्यूल चार्ज लागू किया था। अब इंडिगो के इस फैसले के बाद अन्य एयरलाइंस भी इसी दिशा में कदम उठा सकती हैं।
विमान ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे वैश्विक परिस्थितियों को भी जिम्मेदार माना जा रहा है। मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। खासतौर पर Strait of Hormuz जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को लेकर अनिश्चितता के कारण तेल बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है।
इसके अलावा अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की कमजोरी भी एयरलाइंस कंपनियों के लिए चुनौती बन गई है। कच्चे तेल का आयात डॉलर में किया जाता है, इसलिए रुपये के कमजोर होने से एयरलाइंस कंपनियों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ता है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार फ्यूल सरचार्ज को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। पहले चरण में घरेलू उड़ानों और दक्षिण एशियाई देशों की उड़ानों पर अतिरिक्त शुल्क लगाया गया है। दूसरे चरण में यूरोप, उत्तर अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जाने वाली उड़ानों पर यह शुल्क बढ़ाया जाएगा।
उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि यदि वैश्विक तेल कीमतों में इसी तरह तेजी बनी रहती है तो आने वाले महीनों में हवाई यात्रा और महंगी हो सकती है। ऐसे में यात्रियों को टिकट बुकिंग के समय पहले की तुलना में अधिक खर्च करना पड़ सकता है।








