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सोमवार को शुरुआती कारोबार में भारतीय मुद्रा Indian Rupee अमेरिकी मुद्रा United States Dollar के मुकाबले 13 पैसे गिरकर कमजोर हो गई। विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर की मजबूती और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के कारण रुपये पर दबाव देखा गया।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मांग बढ़ने और विदेशी निवेशकों की सतर्कता के कारण भारतीय मुद्रा में यह गिरावट दर्ज की गई है।
शुरुआती कारोबार में कमजोरी
विदेशी मुद्रा कारोबार की शुरुआत में रुपया डॉलर के मुकाबले गिरकर निचले स्तर पर पहुंच गया। ट्रेडर्स का कहना है कि वैश्विक बाजार में अनिश्चितता और तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर भी रुपये पर पड़ रहा है।
विदेशी निवेशकों का रुख
विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की ओर से भारतीय बाजारों में बिकवाली का दबाव भी रुपये की कमजोरी का एक कारण हो सकता है। जब विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजार से पैसा निकालते हैं, तो डॉलर की मांग बढ़ जाती है और रुपये की कीमत गिर सकती है।
वैश्विक बाजार का असर
वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती का असर कई उभरती अर्थव्यवस्थाओं की मुद्राओं पर भी पड़ रहा है। भारत सहित कई देशों की करेंसी इस समय दबाव में देखी जा रही हैं।
आगे क्या रह सकता है रुझान
मुद्रा बाजार के जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक संकेतक, कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी निवेशकों का रुख रुपये की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।
फिलहाल बाजार की नजर अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक वित्तीय परिस्थितियों पर बनी हुई है, जो आने वाले समय में मुद्रा बाजार की चाल को प्रभावित कर सकते हैं। 📉💱








