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चंदन कुमार | जगन्नाथपुर (पश्चिम सिंहभूम) | समाचार वाणी न्यूज़
नोवामुंडी प्रखंड के ग्राम कुमिरता में गुन्डीजोड़ा क्रेशर से जुड़े भारी वाहनों के लगातार आवागमन को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। संकरी ग्रामीण सड़क पर ट्रकों के संचालन से सड़क क्षतिग्रस्त हो रही है और आमजन को आवागमन में गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क मूल रूप से गांव के दैनिक उपयोग के लिए बनाई गई थी, लेकिन भारी वाहनों के दबाव से यह टूटती जा रही है। इससे स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, पैदल चलने वालों और बाइक सवारों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है।
समस्या को लेकर ग्रामीणों ने जिला एवं स्थानीय प्रशासन को लिखित शिकायत भी दी है और गांव की सड़क पर भारी वाहनों के परिचालन को बंद कराने की मांग की है।
इसी मुद्दे पर ग्रामीणों के आग्रह पर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा कुमिरता गांव पहुंचे और मौके पर स्थिति का जायजा लिया। ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि विरोध करने पर उन्हें प्रशासन द्वारा डराया-धमकाया जाता है और झूठे मुकदमों में फंसाने की चेतावनी दी जाती है।
ग्रामीणों की शिकायत सुनने के बाद मधु कोड़ा ने प्रशासन के रवैये पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को डराना-धमकाना गलत है और यदि किसी के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज किया गया है तो उसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि गांव के लोगों के अधिकारों का हनन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीणों के समर्थन में आंदोलन किया जाएगा।
पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रशासन से मांग की कि गांव की स्थिति को ध्यान में रखते हुए तत्काल जांच कर उचित निर्णय लिया जाए, ताकि सड़क सुरक्षित रहे और ग्रामीणों को राहत मिल सके।
वहीं ग्रामीणों ने भी साफ कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक वे भारी वाहनों के परिचालन का विरोध जारी रखेंगे।








