इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं।

दक्षिण काशी के नाम से प्रसिद्ध Nashik में एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। शहर के पवित्र तपोवन क्षेत्र में पेड़ों पर कथित तौर पर जादूटोना किए जाने का मामला उजागर हुआ है, जिससे इलाके में डर और आक्रोश का माहौल बन गया है।
क्या है पूरा मामला?
तपोवन क्षेत्र में कुछ अज्ञात लोगों ने पेड़ों का इस्तेमाल अंधविश्वास फैलाने के लिए किया। कई पेड़ों पर काले कपड़े की गुड़िया लटकाई गई थीं, जबकि कुछ पेड़ों के तनों में लोहे की कीलें ठोकी गई थीं।
इसके अलावा पेड़ों के पास नींबू, कुमकुम और अन्य पूजा सामग्री भी पाई गई, जिससे यह मामला जादूटोने से जुड़ा होने की आशंका जताई जा रही है।
सुबह टहलने आए लोगों की नजर जैसे ही इस पर पड़ी, पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया और लोग डर के माहौल में आ गए।
अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति की कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलते ही Maharashtra Andhashraddha Nirmoolan Samiti के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे।
कार्यकर्ता Krishna Chandgude और उनकी टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पेड़ों में ठोकी गई कीलें निकालीं और लटकाई गई काली गुड़ियों को हटाकर क्षेत्र को साफ किया।
अंधविश्वास फैलाने की कोशिश
समिति के अनुसार, जादूटोना और भानामती जैसी बातें पूरी तरह अंधविश्वास हैं और इनका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। कुछ लोग अपने स्वार्थ के लिए लोगों में डर फैलाने के लिए ऐसे तरीके अपनाते हैं।
पर्यावरण को भी नुकसान
पेड़ों में कील ठोकने से उन्हें गंभीर नुकसान पहुंचता है, जो पर्यावरण के लिए भी हानिकारक है। इस कारण यह मामला सिर्फ अंधविश्वास नहीं, बल्कि पर्यावरण से जुड़ा मुद्दा भी बन गया है।
पुलिस में शिकायत की तैयारी
इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति जल्द ही पुलिस में शिकायत दर्ज कराने वाली है, ताकि ऐसे कृत्यों पर रोक लगाई जा सके।
लोगों से अपील
समिति ने लोगों से अपील की है कि वे अंधविश्वास से दूर रहें और ऐसे किसी भी संदिग्ध मामले की तुरंत जानकारी पुलिस या संबंधित संस्था को दें।
नाशिक के तपोवन में सामने आया यह मामला समाज में फैले अंधविश्वास की गंभीरता को दर्शाता है। समय रहते ऐसे कृत्यों पर रोक लगाना और लोगों में जागरूकता बढ़ाना बेहद जरूरी है।








