Mumbai में एक चौंकाने वाला साइबर फ्रॉड सामने आया है, जहां ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर ठगों ने 71 वर्षीय रिटायर्ड अधिकारी से ₹1.05 करोड़ की ठगी कर ली।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, ठगों ने खुद को सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर पीड़ित को कॉल किया। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ गंभीर मामला दर्ज है और उन्हें “डिजिटल अरेस्ट” किया जा रहा है।
डर और भ्रम की स्थिति में पीड़ित ने ठगों के निर्देशों का पालन किया और कई किश्तों में बड़ी रकम ट्रांसफर कर दी।
कैसे दिया झांसा?
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फर्जी कॉल और वीडियो कॉल का इस्तेमाल
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सरकारी अधिकारी बनकर धमकी देना
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कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी का डर दिखाना
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लगातार संपर्क में रखकर मानसिक दबाव बनाना
पुलिस की कार्रवाई
मामले की जानकारी मिलते ही Mumbai Police ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
साइबर सेल इस पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है और बैंक ट्रांजेक्शन के जरिए आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
वरिष्ठ नागरिक बन रहे निशाना
इस तरह के मामलों में खासतौर पर बुजुर्गों को निशाना बनाया जा रहा है, क्योंकि उन्हें तकनीकी जानकारी कम होती है और वे आसानी से डर जाते हैं।
कैसे बचें ऐसे फ्रॉड से?
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किसी भी अनजान कॉल पर अपनी जानकारी साझा न करें
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“डिजिटल अरेस्ट” जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं होती
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तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें
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संदिग्ध कॉल या मैसेज को नजरअंदाज करें
Mumbai में सामने आया यह मामला एक बार फिर साइबर सुरक्षा की गंभीरता को दर्शाता है। जागरूक रहकर ही ऐसे फ्रॉड से बचा जा सकता है।







