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दुनिया के सबसे अमीर लोगों की नई सूची सामने आ चुकी है और इस बार भी भारत के उद्योग जगत से बड़ी खबर सामने आई है। हुरुन ग्लोबल रिच लिस्ट 2026 के मुताबिक, मुकेश अंबानी ने एक बार फिर एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति का ताज अपने नाम कर लिया है। वहीं गौतम अडानी की संपत्ति में इस साल 14 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे वह दूसरे स्थान पर बने हुए हैं।
इस रिपोर्ट के अनुसार भारत में अरबपतियों की संख्या तेजी से बढ़ी है। अब देश में कुल 308 अरबपति हो गए हैं, जिससे भारत वैश्विक स्तर पर तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। पहले स्थान पर चीन और दूसरे स्थान पर अमेरिका का कब्जा है। वैश्विक स्तर पर भी इस साल एक नया रिकॉर्ड बना है, जहां पहली बार अरबपतियों की संख्या 4000 के पार पहुंच गई है। कुल 4020 अरबपति दर्ज किए गए हैं, जो पिछले साल की तुलना में 578 अधिक हैं।
भारत में आर्थिक विकास और विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से निवेश के चलते नए अरबपतियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इस साल देश में 24 नए अरबपति जुड़े हैं, जबकि 57 लोग पहली बार इस सूची में शामिल हुए हैं। यह आंकड़ा इस बात का संकेत देता है कि भारत में उद्यमिता और निवेश के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं।
अगर कुल संपत्ति की बात करें, तो भारतीय अरबपतियों की संयुक्त संपत्ति बढ़कर लगभग 112.6 लाख करोड़ रुपये हो गई है, जो पिछले साल की तुलना में करीब 10 प्रतिशत अधिक है। इस संपत्ति वृद्धि में हेल्थकेयर, इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स और कंज्यूमर गुड्स सेक्टर का बड़ा योगदान रहा है।
इस सूची में शीर्ष स्थान पर बने हुए मुकेश अंबानी की कुल संपत्ति लगभग 9.8 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है, जो पिछले साल की तुलना में करीब 9 प्रतिशत अधिक है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के विविध कारोबार—जैसे पेट्रोकेमिकल, टेलीकॉम और रिटेल—ने उनकी संपत्ति में लगातार वृद्धि सुनिश्चित की है।
दूसरी ओर गौतम अडानी की संपत्ति में इस साल गिरावट देखने को मिली है। उनकी कुल संपत्ति घटकर लगभग 7.5 लाख करोड़ रुपये रह गई है। हालांकि वे अब भी भारत के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति हैं, लेकिन बाजार में उतार-चढ़ाव और कुछ सेक्टरों में दबाव के चलते उनकी नेटवर्थ प्रभावित हुई है।
भारत के टॉप-10 अमीरों की सूची में कई बड़े नाम शामिल हैं। तीसरे स्थान पर रोशनी नादर मल्होत्रा हैं, जो इस सूची में शामिल एकमात्र महिला हैं। उनके बाद साइरस एस. पूनावाला, कुमार मंगलम बिड़ला, दिलीप सांघवी, अजीम प्रेमजी, नीरज बजाज, अशोक पी. हिंदुजा और राधाकिशन दमानी का नाम शामिल है।
इस सूची में सबसे खास बात यह रही कि साइरस एस. पूनावाला की संपत्ति में सबसे ज्यादा उछाल देखने को मिला है। उनकी संपत्ति करीब 44 प्रतिशत बढ़कर 3 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। यह वृद्धि मुख्य रूप से हेल्थकेयर सेक्टर में बढ़ती मांग और निवेश के कारण हुई है।
अगर शहरों की बात करें, तो मुंबई भारत का सबसे अमीर शहर बना हुआ है, जहां 95 अरबपति रहते हैं। हालांकि वैश्विक स्तर पर यह शहर अरबपतियों की संख्या के मामले में छठे स्थान पर है। मुंबई के अलावा दिल्ली, बेंगलुरु और हैदराबाद भी तेजी से उभरते हुए धन केंद्र बन रहे हैं।
वैश्विक स्तर पर देखें तो एलन मस्क दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति बने हुए हैं। उनके बाद जेफ बेजोस और लैरी पेज का स्थान है। टेक्नोलॉजी सेक्टर का दबदबा इस सूची में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, स्टार्टअप कल्चर और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन आने वाले वर्षों में और अधिक अरबपतियों को जन्म देगा। साथ ही, इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्रीन एनर्जी और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में निवेश से देश की संपत्ति में और वृद्धि होने की संभावना है।
कुल मिलाकर, हुरुन ग्लोबल रिच लिस्ट 2026 यह दर्शाती है कि भारत न केवल आर्थिक रूप से मजबूत हो रहा है, बल्कि वैश्विक धन सृजन के मानचित्र पर भी तेजी से अपनी जगह बना रहा है। मुकेश अंबानी का शीर्ष स्थान बनाए रखना और नए अरबपतियों का उभरना इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था में और महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला है।








