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महाराष्ट्र की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना से जुड़ी महिलाओं के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने इस योजना के अंतर्गत e-KYC सुधार की अंतिम तारीख को एक बार फिर बढ़ाने का फैसला किया है। अब लाभार्थी महिलाएं 30 अप्रैल 2026 तक अपनी e-KYC जानकारी में सुधार कर सकेंगी। इस महत्वपूर्ण घोषणा की जानकारी राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने दी।
दरअसल, यह योजना महाराष्ट्र सरकार की सबसे लोकप्रिय योजनाओं में से एक बन चुकी है, जिसके तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इस योजना का उद्देश्य राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनके जीवन स्तर में सुधार लाना है। योजना शुरू होने के बाद से ही लाखों महिलाएं इसका लाभ उठा रही हैं।
हालांकि, योजना के व्यापक दायरे के कारण कुछ अनियमितताओं के मामले भी सामने आए थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ अपात्र लाभार्थी और यहां तक कि पुरुषों द्वारा भी इस योजना का लाभ लेने की कोशिश की गई। इसके बाद सरकार ने योजना में पारदर्शिता लाने और वास्तविक पात्र लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए e-KYC को अनिवार्य कर दिया।
e-KYC प्रक्रिया सितंबर 2025 में शुरू की गई थी और शुरुआत में इसे पूरा करने के लिए दो महीने का समय दिया गया था। बाद में इसे बढ़ाकर 31 दिसंबर 2025 और फिर 31 मार्च 2026 तक कर दिया गया। लेकिन इस प्रक्रिया के दौरान कई महिलाओं को तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ा। खासतौर पर, कई लाभार्थियों ने e-KYC करते समय गलत विकल्प चुन लिया, जिससे उन्हें योजना का लाभ मिलने में दिक्कतें आने लगीं।
सरकार को इस संबंध में बड़ी संख्या में शिकायतें प्राप्त हुईं, जिसके बाद महिलाओं को अपनी जानकारी सुधारने का एक और मौका दिया गया। अब नई घोषणा के अनुसार, महिलाएं 30 अप्रैल 2026 तक e-KYC सुधार कर सकती हैं।
मंत्री अदिति तटकरे ने इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र महिला इस योजना के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने बताया कि e-KYC सुधार की समयसीमा बढ़ाने का निर्णय विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए लिया गया है, जिन्होंने तकनीकी त्रुटियों के कारण गलत जानकारी दर्ज कर दी थी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि e-KYC प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अंतिम लाभार्थियों की सूची तैयार की जाएगी। इसके तहत जो महिलाएं योजना के पात्रता मानदंडों को पूरा नहीं करती हैं, उनके नाम सूची से हटा दिए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य है कि योजना का लाभ केवल वास्तविक और पात्र महिलाओं तक ही पहुंचे।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस कदम से योजना की पारदर्शिता और विश्वसनीयता दोनों में वृद्धि होगी। साथ ही, यह सुनिश्चित होगा कि सरकारी संसाधनों का सही उपयोग हो और जरूरतमंद महिलाओं को ही सहायता मिल सके।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि e-KYC सुधार नहीं करने वाली महिलाओं के नाम लाभार्थी सूची से हटाए जा सकते हैं। इसलिए सभी लाभार्थियों से अपील की गई है कि वे समय रहते अपनी जानकारी की जांच करें और आवश्यक सुधार अवश्य करें।
इस योजना के माध्यम से सरकार न केवल महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी एक बड़ा कदम उठा रही है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाएं इस योजना से लाभान्वित हो रही हैं, जिससे उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।
वहीं, प्रशासन ने यह भी सलाह दी है कि महिलाएं केवल सरकारी आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत केंद्रों के माध्यम से ही e-KYC प्रक्रिया पूरी करें और किसी भी प्रकार की अफवाहों या फर्जी जानकारी से बचें।
कुल मिलाकर, e-KYC सुधार की समयसीमा बढ़ाने का यह फैसला लाखों महिलाओं के लिए राहत लेकर आया है। इससे उन्हें अपनी त्रुटियों को सुधारने और योजना का लाभ जारी रखने का एक और मौका मिल गया है। अब यह देखना अहम होगा कि कितनी महिलाएं इस अवसर का लाभ उठाकर समय पर अपनी e-KYC प्रक्रिया पूरी करती हैं।







