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महाराष्ट्र में कथित भोंदू बाबा Ashokkumar Kharat से जुड़े गंभीर आरोपों ने पूरे राज्य को हिला कर रख दिया है। महिलाओं के साथ कथित लैंगिक शोषण और धोखाधड़ी के आरोपों के बीच अब इस मामले में एक और बड़ा खुलासा सामने आया है, जिसमें 1825 फोन कॉल्स का डेटा होने का दावा किया गया है।
सामाजिक कार्यकर्ता Anjali Damania ने दावा किया है कि उनके पास एक विस्तृत सूची है, जिसमें उन लोगों के नंबर शामिल हैं जिन्होंने अशोक खरात से संपर्क किया था या जिनसे खरात ने बातचीत की थी। इस सूची में कथित रूप से कई वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस अधिकारी, तहसीलदार और राजनेताओं के नाम शामिल हैं।
अंजली दमानिया के अनुसार, उनके पास मौजूद एक्सेल शीट में कुल 1825 नंबर दर्ज हैं। यह सभी नंबर कथित तौर पर अशोक खरात से जुड़े कॉल रिकॉर्ड का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि इस सूची में आईजी स्तर के अधिकारी, पुलिस निरीक्षक, सीनियर पीआई, तहसीलदार और डिप्टी कलेक्टर जैसे पदों पर बैठे लोगों के नाम भी शामिल हैं।
उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ नाम इतने बड़े हैं कि उनके सामने आने से राज्य में बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक भूचाल आ सकता है।
Anjali Damania ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह आने वाले बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए इस पूरे मामले का विस्तृत खुलासा करेंगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संबंधित जानकारी पहले ही पुलिस अधिकारियों को भेजी जा चुकी है।
इस पूरे मामले में Enforcement Directorate (ईडी) और पुलिस द्वारा जांच की जा रही है। हाल ही में ईडी ने कथित तौर पर 11 ठिकानों पर छापेमारी भी की है, जिससे यह संकेत मिलता है कि मामला काफी गंभीर और व्यापक हो सकता है।
इसके अलावा, शिर्डी पुलिस द्वारा भी कई संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। इस दौरान कुछ लोगों के कॉल रिकॉर्ड के साथ-साथ बड़ी संख्या में एसएमएस लेनदेन की भी जांच हो रही है, जिससे आर्थिक और अन्य प्रकार के लेनदेन के संकेत मिलते हैं।
सूत्रों के अनुसार, इस मामले का संबंध Shirdi और Thane से भी जोड़ा जा रहा है। दमानिया ने दावा किया है कि वह इस कनेक्शन को भी सार्वजनिक करेंगी और इसके समर्थन में डिजिटल साक्ष्य प्रस्तुत करेंगी।
अशोक खरात पर आरोप है कि उन्होंने “दैवी शक्ति” का दावा करते हुए कई महिलाओं को अपने जाल में फंसाया और उनका शोषण किया। यह मामला सामने आने के बाद कई पीड़ितों ने शिकायत दर्ज कराई है, जिससे जांच का दायरा और बढ़ गया है।
इस पूरे प्रकरण ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—क्या ऐसे मामलों में प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता जांच को प्रभावित कर सकती है? यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो यह मामला प्रशासनिक और राजनीतिक तंत्र की गंभीर खामियों को उजागर कर सकता है।
अशोक खरात मामला अब केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह एक बड़े नेटवर्क की ओर इशारा कर रहा है। आने वाले दिनों में होने वाले खुलासे इस मामले को और गंभीर बना सकते हैं। पूरे राज्य की नजर अब बुधवार को होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस पर टिकी हुई है।








