




उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को वाराणसी के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने न केवल बाढ़ पीड़ित परिवारों से मुलाकात की, बल्कि उनकी समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और उन्हें भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी हर संभव मदद करेगी। खास बात यह रही कि सीएम योगी ने छोटे बच्चों को चॉकलेट देकर उनके चेहरे पर मुस्कान भी लौटाई।
पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश और गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण वाराणसी के कई इलाके बाढ़ से प्रभावित हैं। कई घर जलमग्न हो गए हैं और लोग सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं। बाढ़ ने न सिर्फ लोगों की दिनचर्या को बाधित किया है बल्कि उनके रोजगार, आजीविका और बच्चों की पढ़ाई पर भी गहरा असर डाला है।
इसी संकट की घड़ी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी पहुंचकर हालात का जायजा लिया। उन्होंने नाव से बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया और फिर पीड़ितों से मुलाकात की।
बाढ़ पीड़ितों से बात करते हुए सीएम योगी ने कहा कि सरकार हर पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी प्रभावित परिवारों को तुरंत राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए, जिनमें खाने-पीने की वस्तुएं, दवाइयां और साफ पानी शामिल हों।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी परिवार को भूखा नहीं रहना चाहिए। साथ ही प्रशासन को आदेश दिया गया कि लोगों को सुरक्षित आश्रय स्थल पर पहुंचाने के लिए हर जरूरी इंतजाम किया जाए।
दौरे का सबसे भावुक पल तब सामने आया जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ राहत कैंपों में मौजूद छोटे बच्चों से मुलाकात की। बच्चों से बातचीत के दौरान उन्होंने उन्हें चॉकलेट बांटी। अचानक मिली इस सौगात से बच्चों के चेहरे खिल उठे और वहां मौजूद माहौल में थोड़ी देर के लिए ही सही लेकिन खुशी का रंग भर गया।
यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोग भी भावुक हो गए और सीएम योगी की इस पहल की सराहना की। स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चों की मासूम मुस्कान ही सबसे बड़ी राहत है और मुख्यमंत्री का यह कदम प्रेरणादायक है।
सीएम योगी ने अधिकारियों को राहत कार्यों की समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में:
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राशन किट और पीने के पानी की व्यवस्था प्राथमिकता पर की जाए।
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पशुओं के लिए चारा उपलब्ध कराया जाए।
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स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार कैंप लगाकर बीमारियों की रोकथाम करें।
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स्कूलों और सरकारी भवनों में अस्थायी आश्रय स्थल बनाए जाएं।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल तत्काल राहत नहीं बल्कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की दिशा में भी ठोस कदम उठाना है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस दौरे से बाढ़ प्रभावित लोगों को बड़ी राहत मिली। पीड़ित परिवारों ने कहा कि सीएम खुद उनके बीच आए और समस्याएं सुनीं, इससे उन्हें उम्मीद और हिम्मत दोनों मिली। खासकर बच्चों को चॉकलेट देने से उनमें उत्साह बढ़ा और परिवारों को महसूस हुआ कि सरकार उनके साथ खड़ी है।
सीएम के दौरे के बाद प्रशासनिक अमला और भी सक्रिय हो गया है। वाराणसी के जिलाधिकारी और पुलिस प्रशासन ने राहत सामग्री वितरण की गति तेज कर दी है। साथ ही, बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य और सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त टीमें तैनात की गई हैं।
बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाएं न केवल इंसानों की मजबूरी उजागर करती हैं बल्कि यह भी दिखाती हैं कि सरकार और समाज किस तरह एकजुट होकर इसका सामना करते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का वाराणसी दौरा इसी एकजुटता की मिसाल है।
बच्चों को चॉकलेट देकर उनका हौसला बढ़ाना, परिवारों को सांत्वना देना और अधिकारियों को राहत कार्यों के लिए सख्त निर्देश देना—यह सब दर्शाता है कि सीएम योगी केवल प्रशासनिक स्तर पर ही नहीं बल्कि मानवीय स्तर पर भी लोगों के साथ खड़े हैं।