नेपाल में हाल ही में हुई हिंसक घटनाओं के बाद, भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने भारतीय नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। मंत्रालय ने कहा है कि भारतीय नागरिकों को स्थिति सामान्य होने तक नेपाल की यात्रा टाल देनी चाहिए। जो लोग पहले से ही इस हिमालयी देश में हैं, उन्हें घर के अंदर रहने और सड़कों पर न निकलने की सलाह दी गई है।
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “हम नेपाल में हो रही घटनाओं पर करीबी नजर रख रहे हैं और वहां रह रहे भारतीय नागरिकों से अपील करते हैं कि वे अत्यधिक सतर्कता बरतें।” मंत्रालय ने यह भी कहा कि किसी भी आपात स्थिति में सहायता के लिए एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है।
नेपाल के काठमांडू समेत कई शहरों में हालात बिगड़ने के कारण कर्फ्यू लगाया गया है और कानून-व्यवस्था की स्थिति गंभीर बनी हुई है। मंत्रालय ने नेपाली स्थिति को लेकर भारत में मौजूद नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है और वहां यात्रा करने वालों से खास सावधानी बरतने को कहा है।
इस बीच, नेपाल सरकार जनता के विरोध और हालात के चलते बैकफुट पर नजर आ रही है। संयुक्त राष्ट्र ने भी नेपाल की स्थिति पर चिंता जताई है और संयम बरतने की अपील की है।
नेपाल में बिगड़ते हालात को देखते हुए भारत के विदेश मंत्रालय ने वहां रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। इस एडवाइजरी में सभी भारतीयों से अत्यधिक सतर्कता बरतने की अपील की गई है। मंत्रालय ने यह चेतावनी नेपाल में चल रहे बेकाबू और अशांत हालात के मद्देनज़र दी है।
इसके साथ ही किसी भी आपात स्थिति में सहायता के लिए एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है। यह प्रयास नेपाल में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। अधिक जानकारी और सहायता के लिए नागरिकों से मंत्रालय द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करने की सलाह दी गई है।
नेपाल के त्रिभुवन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मंगलवार को सभी फ्लाइट ऑपरेशंस अस्थायी रूप से रोक दिए गए हैं, जिससे सैकड़ों यात्री, खासकर पर्यटक, एयरपोर्ट पर फंसे हुए हैं। भारत से काठमांडू के लिए जा रही कुछ उड़ानों को लखनऊ एयरपोर्ट पर डायवर्ट कर दिया गया है। इस स्थिति के चलते बड़ी संख्या में लोग नेपाल में फंस गए हैं और उन्हें वैकल्पिक रास्तों से घर लौटने की जरूरत है।
यदि यात्री फ्लाइट से नहीं लौट पा रहे हैं, तो वे सड़क मार्ग से भारत आ सकते हैं क्योंकि नेपाल-भारत सीमा के कई रास्ते खुले हैं। हालांकि, भारत में प्रवेश के लिए भूटान और नेपाल के नागरिकों को छोड़कर अन्य सभी विदेशी यात्रियों को वीजा या ई-वीजा की आवश्यकता होती है, जो सीमा पर नहीं मिलती, इसलिए यह पहले से लेना अनिवार्य है।
भारत से नेपाल यात्रा करने के लिए भारतीय नागरिकों को पासपोर्ट की जरूरत नहीं होती; वैध वोटर आईडी या पासपोर्ट से प्रवेश किया जा सकता है। बच्चों के लिए जन्म प्रमाण पत्र या स्कूल आईडी जरूरी है। ड्राइविंग लाइसेंस, आधार या पैन कार्ड मान्य नहीं हैं।
विदेश मंत्रालय ने एक वीडियो संदेश जारी करते हुए भारतीय नागरिकों से अपील की है कि वे स्थिति सामान्य होने तक नेपाल की यात्रा से बचें और वहां पहले से मौजूद लोग भी अत्यधिक सतर्कता बरतें। मंत्रालय ने यह भी कहा कि वह नेपाल में हो रही घटनाओं पर करीबी नजर रख रहा है और वहां रह रहे भारतीय नागरिकों से अपील करते हैं कि वे अत्यधिक सतर्कता बरतें।
नेपाल में बिगड़ते हालात को देखते हुए भारत के विदेश मंत्रालय ने वहां रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। इस एडवाइजरी में सभी भारतीयों से अत्यधिक सतर्कता बरतने की अपील की गई है। मंत्रालय ने यह चेतावनी नेपाल में चल रहे बेकाबू और अशांत हालात के मद्देनज़र दी है।
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “हम नेपाल में हो रही घटनाओं पर करीबी नजर रख रहे हैं और वहां रह रहे भारतीय नागरिकों से अपील करते हैं कि वे अत्यधिक सतर्कता बरतें।” मंत्रालय ने यह भी कहा कि किसी भी आपात स्थिति में सहायता के लिए एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है।
नेपाल के काठमांडू समेत कई शहरों में हालात बिगड़ने के कारण कर्फ्यू लगाया गया है और कानून-व्यवस्था की स्थिति गंभीर बनी हुई है। मंत्रालय ने नेपाली स्थिति को लेकर भारत में मौजूद नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है और वहां यात्रा करने वालों से खास सावधानी बरतने को कहा है।
इस बीच, नेपाल सरकार जनता के विरोध और हालात के चलते बैकफुट पर नजर आ रही है। संयुक्त राष्ट्र ने भी नेपाल की स्थिति पर चिंता जताई है और संयम बरतने की अपील की है।
नेपाल में बिगड़ते हालात को देखते हुए भारत के विदेश मंत्रालय ने वहां रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। इस एडवाइजरी में सभी भारतीयों से अत्यधिक सतर्कता बरतने की अपील की गई है। मंत्रालय ने यह चेतावनी नेपाल में चल रहे बेकाबू और अशांत हालात के मद्देनज़र दी है।
इसके साथ ही किसी भी आपात स्थिति में सहायता के लिए एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है। यह प्रयास नेपाल में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। अधिक जानकारी और सहायता के लिए नागरिकों से मंत्रालय द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करने की सलाह दी गई है।
नेपाल के त्रिभुवन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मंगलवार को सभी फ्लाइट ऑपरेशंस अस्थायी रूप से रोक दिए गए हैं, जिससे सैकड़ों यात्री, खासकर पर्यटक, एयरपोर्ट पर फंसे हुए हैं। भारत से काठमांडू के लिए जा रही कुछ उड़ानों को लखनऊ एयरपोर्ट पर डायवर्ट कर दिया गया है। इस स्थिति के चलते बड़ी संख्या में लोग नेपाल में फंस गए हैं और उन्हें वैकल्पिक रास्तों से घर लौटने की जरूरत है।
यदि यात्री फ्लाइट से नहीं लौट पा रहे हैं, तो वे सड़क मार्ग से भारत आ सकते हैं क्योंकि नेपाल-भारत सीमा के कई रास्ते खुले हैं। हालांकि, भारत में प्रवेश के लिए भूटान और नेपाल के नागरिकों को छोड़कर अन्य सभी विदेशी यात्रियों को वीजा या ई-वीजा की आवश्यकता होती है, जो सीमा पर नहीं मिलती, इसलिए यह पहले से लेना अनिवार्य है।
भारत से नेपाल यात्रा करने के लिए भारतीय नागरिकों को पासपोर्ट की जरूरत नहीं होती; वैध वोटर आईडी या पासपोर्ट से प्रवेश किया जा सकता है। बच्चों के लिए जन्म प्रमाण पत्र या स्कूल आईडी जरूरी है। ड्राइविंग लाइसेंस, आधार या पैन कार्ड मान्य नहीं हैं।
विदेश मंत्रालय ने एक वीडियो संदेश जारी करते हुए भारतीय नागरिकों से अपील की है कि वे स्थिति सामान्य होने तक नेपाल की यात्रा से बचें और वहां पहले से मौजूद लोग भी अत्यधिक सतर्कता बरतें। मंत्रालय ने यह भी कहा कि वह नेपाल में हो रही घटनाओं पर करीबी नजर रख रहा है और वहां रह रहे भारतीय नागरिकों से अपील करते हैं कि वे अत्यधिक सतर्कता बरतें।
नेपाल में बिगड़ते हालात को देखते हुए भारत के विदेश मंत्रालय ने वहां रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। इस एडवाइजरी में सभी भारतीयों से अत्यधिक सतर्कता बरतने की अपील की गई है। मंत्रालय ने यह चेतावनी नेपाल में चल रहे बेकाबू और अशांत हालात के मद्देनज़र दी है।








