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  • डांसर से एक्टर तक, शांतनु माहेश्वरी की मोहब्बत और करियर की कहानी

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         बॉलीवुड में रोमांटिक कहानियों का दौर एक बार फिर लौटता दिखाई दे रहा है। हाल ही में ‘सैयारा’ और ‘धड़क 2’ जैसी फिल्मों ने यह साबित किया कि दर्शक अब भी मोहब्बत पर आधारित फिल्मों को बेहद पसंद करते हैं। इसी कड़ी में अब एक और फिल्म जल्द रिलीज होने जा रही है – ‘लव इन वियतनाम’। इस फिल्म में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं डांसर-टर्न-एक्टर शांतनु माहेश्वरी

    फिल्म के प्रमोशन के दौरान शांतनु माहेश्वरी ने खास बातचीत की और अपने करियर, प्यार की परिभाषा और फिल्म के अनुभवों पर खुलकर बात की।

    शांतनु कहते हैं,
    “यह फिल्म मेरे दिल के बेहद करीब है। रोमांस एक ऐसा जॉनर है जो कभी पुराना नहीं होता। ‘लव इन वियतनाम’ सिर्फ एक प्रेम कहानी नहीं, बल्कि दो लोगों की भावनाओं और संघर्षों की यात्रा है। दर्शक इसमें खुद को देख पाएंगे।”

    जब उनसे पूछा गया कि आज के दौर में प्यार का मतलब कैसे बदल गया है, तो शांतनु ने बड़ी बेबाकी से जवाब दिया:
    “प्यार असल में कभी नहीं बदलता। जज़्बात वही रहते हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि आजकल लोग नए शब्दों का इस्तेमाल करते हैं – जैसे ‘बेंचिंग’ या ‘घोस्टिंग’। पहले भी ‘कैसेनोवा’ होते थे, बस अब नाम नए हैं।”

    उनका मानना है कि सोशल मीडिया और डिजिटल कल्चर ने रिश्तों की अभिव्यक्ति का तरीका जरूर बदल दिया है, लेकिन असल अहसास वही पुराने हैं।

    शांतनु ने रिश्तों पर अपना दिलचस्प नजरिया साझा किया:
    “रिलेशनशिप में आपको स्पॉन्ज बनना पड़ता है – यानी पार्टनर की अच्छाइयां और खामियां, दोनों को सोखकर साथ निभाना पड़ता है। प्यार का मतलब सिर्फ रोमांस नहीं, बल्कि समझदारी और धैर्य भी है।”

    फिल्म की शूटिंग वियतनाम में हुई। इस बारे में शांतनु बताते हैं:
    “वियतनाम बेहद खूबसूरत जगह है। वहां शूटिंग करना अपने आप में अद्भुत अनुभव था। प्राकृतिक सौंदर्य और संस्कृति ने हमारी फिल्म को एक अलग ही रंग दिया।”

    शांतनु माहेश्वरी पहले एक बेहतरीन डांसर के तौर पर पहचाने जाते थे। अब वह अभिनय की दुनिया में भी अपनी छाप छोड़ रहे हैं। वे कहते हैं:
    “डांस ने मुझे एक्सप्रेशन और बॉडी लैंग्वेज सिखाई। अभिनय में ये दोनों चीजें बहुत काम आती हैं। मैं खुश हूं कि धीरे-धीरे लोग मुझे एक्टर के तौर पर भी स्वीकार रहे हैं।”

    शांतनु चाहते हैं कि दर्शक ‘लव इन वियतनाम’ को सिर्फ एक रोमांटिक फिल्म न मानें, बल्कि इसे गहराई से महसूस करें।
    “मैं चाहता हूं कि लोग थिएटर से निकलते समय सिर्फ कहानी नहीं, बल्कि उस एहसास को अपने साथ ले जाएं जो फिल्म ने दिया।”

    इंटरव्यू के अंत में शांतनु ने कहा कि वे आगे भी अलग-अलग जॉनर की फिल्में करना चाहते हैं।
    “रोमांस मेरे लिए खास है, लेकिन मैं थ्रिलर, ड्रामा और कॉमेडी जैसी फिल्मों में भी काम करना चाहता हूं। हर किरदार से मुझे कुछ नया सीखने को मिलता है।”

    शांतनु माहेश्वरी की ईमानदार बातें यह साबित करती हैं कि वे सिर्फ एक कलाकार नहीं, बल्कि जीवन और रिश्तों को गहराई से समझने वाले इंसान भी हैं। ‘लव इन वियतनाम’ से उन्हें बड़ी उम्मीदें हैं और दर्शकों को भी इस फिल्म से नई और ताज़गीभरी रोमांटिक कहानी मिलने वाली है।

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