दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में शामिल एप्पल में बड़ा नेतृत्व परिवर्तन देखने को मिल सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, एप्पल के मौजूदा CEO टिम कुक अगले साल यानी 2026 तक अपना पद छोड़ सकते हैं। कंपनी ने चुपचाप नए CEO की तलाश शुरू कर दी है और यह प्रक्रिया अब तेज हो चुकी है। इस हाई-प्रोफाइल दौड़ में सबसे आगे जिस नाम की चर्चा हो रही है, वह है—एप्पल के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट ऑफ हार्डवेयर इंजीनियरिंग, जॉन टर्नस।
टिम कुक पिछले 14 वर्षों से एप्पल की कमान संभाल रहे हैं। उन्होंने 2011 में स्टीव जॉब्स के बाद CEO का पद संभाला और उनके नेतृत्व में कंपनी ने सफलता की नई ऊंचाइयों को छुआ। आईफोन की रिकॉर्डतोड़ सेल, सर्विस सेक्टर का विस्तार, वियरेबल टेक्नोलॉजी में भारी प्रगति और एप्पल की मार्केट कैप का ऐतिहासिक स्तर तक पहुंचना—ये सभी उपलब्धियां टिम कुक के कार्यकाल में ही संभव हो पाईं।
हालांकि अब रिपोर्ट्स बताती हैं कि कुक 2026 तक कंपनी से विदा लेने की तैयारी में हैं। बताया जा रहा है कि कुक अपने उत्तराधिकारी का चयन खुद करना चाहते हैं और इसी दिशा में कंपनी ने नए सीईओ की योजना पर फोकस बढ़ा दिया है।
कंपनी के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, जॉन टर्नस इस रेस में सबसे आगे हैं। वह एप्पल में पिछले कई वर्षों से हार्डवेयर इंजीनियरिंग के प्रमुख स्तर पर काम कर रहे हैं और आईफोन, मैकबुक, आईपैड, एप्पल वॉच और अन्य प्रमुख डिवाइसों के निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। तकनीकी ज्ञान, प्रोडक्ट स्ट्रैटेजी और एप्पल की कार्यशैली को लेकर उनकी गहरी समझ उन्हें CEO पद के लिए योग्य बनाती है।
जॉन टर्नस को स्टीव जॉब्स युग और टिम कुक युग दोनों से सीखने का अवसर मिला है, जिससे उनका अनुभव और भी समृद्ध माना जा रहा है। माना जा रहा है कि एप्पल आने वाले दशक में AI, स्पैशियल कंप्यूटिंग, वियरेबल टेक्नोलॉजी और सर्विस-आधारित मॉडल में भारी निवेश करने जा रही है, जिसके लिए एक मजबूत तकनीकी बैकग्राउंड वाला नेता बेहद जरूरी होगा।
कई विश्लेषकों का मानना है कि कुक ने एप्पल को एक स्थिर और लाभदायक बिज़नेस मशीन में बदल दिया, जबकि अगले CEO पर दायित्व होगा कि वे कंपनी को विज़नरी स्तर पर आगे ले जाएं। जॉन टर्नस का नाम इसी वजह से सबसे उपयुक्त माना जा रहा है। हालांकि कंपनी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन अंदर की हलचलें संकेत दे रही हैं कि बदलाव करीब है।
एप्पल में CEO का परिवर्तन हमेशा वैश्विक टेक इंडस्ट्री का सबसे चर्चित विषय रहा है। स्टीव जॉब्स की विरासत और टिम कुक का सफल दौर कंपनी के भविष्य पर हमेशा से भारी प्रभाव डालते आए हैं। ऐसे में नए CEO के रूप में जॉन टर्नस का चयन एप्पल के लिए एक नई दिशा तय कर सकता है।
आने वाले महीनों में एप्पल के नेतृत्व को लेकर कई बड़े फैसले सामने आ सकते हैं। फिलहाल दुनिया भर के टेक एक्सपर्ट्स की नजरें इसी पर टिकी हैं कि क्या एप्पल वास्तव में अगले साल अपने CEO की घोषणा कर देगा और क्या जॉन टर्नस ही उस प्रतिष्ठित पद पर पहुंचेंगे। समय के साथ यह तस्वीर साफ हो जाएगी, लेकिन इतना तय है कि एप्पल के इतिहास का यह कदम बेहद महत्वपूर्ण होने वाला है।








