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हनुमानगढ़ में भारतीय किसान संघ की जिला स्तरीय मासिक बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें जिलेभर से किसान प्रतिनिधियों और पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक की अध्यक्षता चेयरमैन राजेंद्र सिहाग ने की। बैठक में किसानों की विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई और समाधान के लिए कई प्रस्तावों पर सहमति बनी। विशेष रूप से मुंग की सरकारी खरीद तुरंत शुरू करवाने को लेकर बैठक में व्यापक स्तर पर चिंता व्यक्त की गई।
किसानों ने बताया कि मुंग की फसल तैयार होकर मंडियों में पहुंच चुकी है, लेकिन सरकारी खरीद शुरू न होने के कारण किसानों को अपने उत्पाद का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। इससे किसान आर्थिक रूप से संकट में आ गए हैं और उन्हें मजबूरी में अपनी उपज को औने-पौने दामों पर बेचने की नौबत आ गई है। बैठक में किसानों ने यह भी कहा कि यदि सरकार ने समय रहते खरीद प्रक्रिया शुरू नहीं की तो इसका सीधा नुकसान किसानों को होगा और प्रदेश के कृषि व्यापार पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
चेयरमैन राजेंद्र सिहाग ने बैठक में उपस्थित किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और सभी मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि किसान संघ हमेशा किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहा है और हर स्तर पर किसानों की आवाज सरकार तक पहुंचाई जाती रही है। सिहाग ने बताया कि मुंग की सरकारी खरीद तुरंत शुरू करवाने के लिए जिले के किसानों की ओर से एक लिखित ज्ञापन तैयार किया गया है, जिसे जिला कलेक्टर के माध्यम से राज्य सरकार को भेजा जाएगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन और राज्य सरकार को किसानों के हितों के लिए ठोस कदम उठाने होंगे, ताकि किसानों को उनकी मेहनत का सही मूल्य मिल सके। सिहाग ने कहा कि किसान संघ किसी भी परिस्थिति में किसानों का साथ नहीं छोड़ेगा और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए व्यापक स्तर पर संघर्ष करेगा।
बैठक में सिंचाई से जुड़ी समस्याओं, बिजली आपूर्ति में बाधाओं, खाद-बीज की उपलब्धता और फसल बीमा योजनाओं से संबंधित मामलों पर भी चर्चा की गई। किसानों ने बताया कि कई क्षेत्रों में नहरों में पर्याप्त पानी नहीं पहुँच रहा, जिससे रबी सीजन की तैयारी प्रभावित हो रही है। बिजली कटौती के कारण खेतों की सिंचाई समय पर नहीं हो पा रही, जो उत्पादन पर प्रतिकूल असर डाल रही है।
बैठक में मौजूद किसान नेताओं ने कहा कि सरकार को समय पर सुविधाएं प्रदान करनी होंगी, क्योंकि कृषि प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। यदि किसान संतुष्ट नहीं रहेंगे तो इसका असर पूरे कृषि क्षेत्र और संबंधित उद्योगों पर पड़ेगा।
राजेंद्र सिहाग ने किसानों की बातों को ध्यानपूर्वक सुनते हुए कहा कि किसान संघ हर समस्या का समाधान संवाद और उचित प्रशासनिक माध्यमों से निकालने में विश्वास रखता है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे एकजुट रहकर अपनी मांगों को मजबूती से उठाएं।
किसान संघ ने यह भी निर्णय लिया कि यदि जल्द ही मुंग की सरकारी खरीद शुरू नहीं की गई तो संगठन एक बड़े स्तर पर आंदोलन की रूपरेखा भी तैयार करेगा। लेकिन फिलहाल प्राथमिकता यह है कि जिला कलेक्टर के माध्यम से राज्य सरकार तक किसानों की मांग को तुरंत पहुंचाया जाए, ताकि बिना देरी किए खरीद प्रक्रिया शुरू हो सके।
बैठक का समापन इस आशा के साथ हुआ कि सरकार किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेगी और जल्द ही सकारात्मक कदम उठाएगी। किसानों ने भी विश्वास जताया कि भारतीय किसान संघ उनकी आवाज़ बनकर लगातार संघर्ष करता रहेगा और उन्हें न्याय दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा।










