10 नवंबर, 2025 को दिल्ली के लाल किले के पास हुए आत्मघाती धमाके ने देशभर को हिला कर रख दिया। इस हमले में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हुए। घटना के तुरंत बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसियां और दिल्ली पुलिस जांच में जुट गई हैं।
इस बीच, लोकसभा सांसद और AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस आत्मघाती हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि धर्म के नाम पर हिंसा करना अस्वीकार्य है और इसे किसी भी रूप में सही नहीं ठहराया जा सकता। ओवैसी ने आरोपियों के एक वीडियो का हवाला दिया, जिसमें डॉ. उमर उन नबी, जो इस मामले के मुख्य आरोपी हैं, आत्मघाती हमले को “शहादत” बताते और उसे उचित ठहराने की कोशिश कर रहे हैं।
ओवैसी ने कहा:
“आत्महत्या इस्लाम में हराम है और निर्दोषों की हत्या एक बड़ा पाप है। ऐसे कृत्य कानून के भी खिलाफ हैं। इसे कभी भी ‘गलत समझा गया’ नहीं कहा जा सकता। यह आतंकवाद है और इसके अलावा कुछ नहीं।”
ओवैसी ने इस अवसर पर गृह मंत्री अमित शाह से भी सवाल उठाए। उन्होंने Operation Sindoor और Operation Mahadev का जिक्र करते हुए पूछा:
“तो यह ग्रुप कहां से आया? इसे पकड़ने में कौन जिम्मेदार है?”
जांच के दौरान पुलिस को डॉ. उमर के फोन से 80 सेकंड लंबा वीडियो मिला। इस वीडियो में वह आत्मघाती हमलों की वकालत करते नजर आ रहे हैं। हालांकि उनका मोबाइल क्षतिग्रस्त था, लेकिन फॉरेंसिक टीम ने डेटा रिकवर कर इसे जांच के लिए उपयोगी बनाया।
जांच में यह भी सामने आया कि डॉ. उमर नेटवर्क में सबसे कट्टर था और उसने जासिर बिलाल (उर्फ डैनिश) को आत्मघाती हमलावर बनने के लिए प्रेरित करने की कोशिश की। विस्फोट के समय वह दो मोबाइल फोन इस्तेमाल कर रहा था। अब जांच यह पता लगाने में लगी है कि उसके पास कुल कितने फोन या सिम कार्ड थे।
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विस्फोटक कार का चालक जाहूर इलाही, जो डॉ. उमर का भाई है, गिरफ्तार किया गया।
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विस्फोट 10 नवंबर की सुबह हुआ, जिसमें 12 लोग मारे गए।
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जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि वीडियो कहां और कब शूट किया गया।
जांच से यह स्पष्ट हो रहा है कि यह घटना एक संगठित आतंकवादी नेटवर्क से जुड़ी थी, जिसमें कई डॉक्टर शामिल थे।
ओवैसी ने कहा कि आत्मघाती हमले धर्म या विचारधारा की आड़ में सही नहीं ठहराए जा सकते। उन्होंने कानून और राज्य व्यवस्था की अहमियत पर जोर देते हुए कहा कि दोषियों को सख्त कार्रवाई के तहत दंडित किया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि समाज और राजनीतिक नेतृत्व को सतर्क रहना होगा, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके और कानून की हिफाजत सुनिश्चित हो।
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डॉ. उमर का वीडियो और गिरफ्तारी मामले में निर्णायक सबूत साबित हो सकते हैं।
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ओवैसी ने आत्मघाती हमलों को हराम करार दिया और गृह मंत्री अमित शाह से जवाबदेही मांगी।
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जांच अब भी जारी है और आगे के सुराग से पूरी घटना का खुलासा होगा।
इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया कि राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर सतत निगरानी अत्यंत आवश्यक है। आतंकवाद और हिंसा के खिलाफ राजनीतिक और सामाजिक चेतना बनाए रखना जरूरी है।








