नाशिक के एर्मी पब्लिक स्कूल, देवलाली में छात्रों की प्रतिभा और रचनात्मकता का भव्य प्रदर्शन हुआ है। हाल ही में यहां आयोजित “अभिव्यक्ति 2025” प्रदर्शनी में स्कूल के विद्यार्थियों ने विज्ञान, टेक्नॉलॉजी और सामाजिक मुद्दों पर आधारित कई आकर्षक प्रोजेक्ट्स पेश किए। इस आयोजन में न सिर्फ उनके अकादमिक ज्ञान की झलक दिखी, बल्कि उनकी कल्पनाशील सोच और नवाचार की शक्ति भी सामने आई, जिसने उपस्थित शिक्षकों, अभिभावकों और अतिथियों का मन मोह लिया।
प्रदर्शनी में छात्रों द्वारा बनाए गए मॉडल्स और प्रोजेक्ट्स में “ISRO सैटेलाइट्स” की कॉन्सेप्ट, स्मार्ट सिटी समाधान, इको-फ्रेंडली इनोवेशन और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषय प्रमुख रूप से सामने आए। इस प्रकार की टेक्नोलॉजी-आधारित प्रस्तुतियां यह दिखाती हैं कि कैसे छोटे छात्र बड़ी सोच के साथ काम कर सकते हैं और भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए समाधान तैयार कर सकते हैं। स्कूल में युवा वैज्ञानिकों ने न सिर्फ सिद्धांत पर काम किया, बल्कि व्यावहारिक और रचनात्मक मॉडलों के माध्यम से अपने विचारों को मूर्त रूप दिया।
आर्मी पब्लिक स्कूल देवलाली की पृष्ठभूमि को देखते हुए यह प्रदर्शन और भी विशेष महत्व रखता है। यह संस्थान CBSE से संबद्ध है और इसकी स्थापना 1997 में हुई थी। स्कूल में आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ छात्रों में नेतृत्व शक्ति और सामाजिक ज़िम्मेदारी को विकसित करने पर भी जोर दिया जाता है। यहां के छात्र सिर्फ परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए नहीं पढ़ते, बल्कि रचनात्मक गतिविधियों और सह-पाठ्यक्रम कार्यक्रमों के जरिए अपने कौशल का विस्तार करते हैं।
“अभिव्यक्ति 2025” की शुरुआत स्कूल के प्राचार्य और शिक्षकों ने बड़ी उत्साह के साथ की। उन्हें यह देखकर गर्व हुआ कि किस तरह उनकी कक्षा-कक्षा की मेहनत और मार्गदर्शन ने छात्रों को आत्मविश्वास और नयी सोच दी है। इस तरह के प्रदर्शनी आयोजन न सिर्फ बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देते हैं, बल्कि उन्हें टीम वर्क, समस्या-समाधान और सार्वजनिक प्रस्तुति जैसे महत्वपूर्ण जीवन कौशल भी सिखाते हैं।
स्कूल प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि इस प्रकार की इनोवेशन-लर्निंग गतिविधियाँ राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) की भावना का प्रतिफल हैं, जिसमें हैंड्स-ऑन शिक्षण और व्यावहारिक ज्ञान को प्राथमिकता दी जाती है। APS देवलाली में यह कदम छात्रों को सिर्फ अपनी कक्षा की सीमाओं में बांधकर नहीं रखता, बल्कि उनकी सोच को व्यापक बनाता है और उन्हें वैज्ञानिक या सामाजिक चुनौतियों के समाधान के लिए सक्षम बनाता है।
प्रदर्शनी के माध्यम से न केवल छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ा है, बल्कि वह अन्य स्कूलों और समुदाय में भी एक मिसाल बन रही है। अभिभावकों ने कहा कि ऐसी गतिविधियां बच्चों में नई ऊर्जा और सीखने की चाह पैदा करती हैं, और वे गर्व महसूस करते हैं कि उनका बेटा-बेटी ऐसी सोच से भरा स्कूल में पढ़ रहा है। शिक्षकों का कहना है कि छात्रों द्वारा तैयार किए गए मॉडल यह दिखाते हैं कि अगर सही दिशा मिले, तो युवा अपनी सोच के ज़रिए समाज और भविष्य दोनों को बदल सकते हैं।
अब स्कूल की योजना है कि इन प्रोजेक्ट्स को और आगे बढ़ाया जाए और कुछ ऐसे मॉडल तैयार किए जाएं जिनका व्यावसायिक या सामाजिक उपयोग हो सके। एपीएस देवलाली ऐसे रचनात्मक विचारों को संस्थागत समर्थन देना जारी रखने का लक्ष्य रखता है, ताकि अगले साल की “अभिव्यक्ति 2026” में और भी नए और बड़े इनोवेशन देखने को मिलें।
इस तरह, नाशिक के आर्मी पब्लिक स्कूल देवलाली ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया है कि शिक्षा सिर्फ किताबों में सीमित नहीं है—यह वह ज़रिया है जहां युवा वैज्ञानिक, रचनाकार और समाधानकर्ता बनने की ओर अग्रसर होते हैं।








