
कॉम्प्युटर साइंस की पढ़ाई के दौरान Rupali ने महसूस किया कि कई छात्रों को गुणवत्तापूर्ण कंप्यूटर शिक्षा नहीं मिलती। मार्गदर्शन की कमी और करियर कौशलों की कमी ने उन्हें प्रेरित किया कि वह बदलाव की शुरुआत स्वयं करें। इसी जिज़्द ने उन्हें Aishwarya Computer & Information Technology संस्थान की नींव रखने के लिए प्रेरित किया।
शुरुआत में संसाधन सीमित थे और स्थान छोटा, लेकिन उन्होंने अपने सपनों को मजबूती से पकड़ा। छात्रों की संख्या कम, लोगों का विश्वास कम, और व्यक्तिगत मेहनत के बावजूद, Rupali ने कभी हार नहीं मानी। धीरे-धीरे संस्थान ने ठोस पहचान बनाई और MKCL और KLiC पाठ्यक्रमों के अंतर्गत MS-CIT, Tally Prime with GST, Programming Courses, Web Designing, Graphic Designing, Automation और अन्य प्रमाणित पाठ्यक्रम प्रदान करने लगा।
इस सफर में घर की जिम्मेदारियाँ और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियाँ भी बड़ी थीं। माँ की कीमोथेरपी, रोज़ाना की यात्रा और व्यक्तिगत स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के बावजूद, उन्होंने कभी अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया। छात्रों की सफलता, उनके छोटे-छोटे उत्साहजनक अनुभव और संस्था की बढ़ती प्रतिष्ठा ने Rupali के आत्मविश्वास को और मजबूत किया।
आज, Aishwarya Computer & Information Technology डिजिटल युग में छात्रों को रोजगारक्षम बनाने और तकनीकी कौशल सिखाने में अग्रणी संस्था बन चुकी है। संस्थान में कंप्यूटर प्रशिक्षण, वेब डिजाइनिंग, AI आधारित कौशल, सॉफ्टवेयर स्किल्स और रोजगारक्षम पाठ्यक्रम प्रदान किए जाते हैं। Rupali Dalvi लगातार स्वयं को अपग्रेड करती रही हैं, जिससे शिक्षक जितना मजबूत होगा, छात्रों का भविष्य उतना ही उज्ज्वल होगा।

Rupali Suresh Dalvi की यह सफलता केवल उनके संस्थान की नहीं, बल्कि संघर्ष, धैर्य, हार न मानने और गुरु कृपा से उठ खड़े होने की प्रेरक कहानी है। यह यात्रा अभी भी जारी है, और आने वाले समय में वे और अधिक छात्रों तक ज्ञान पहुँचाने और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ छूने का संकल्प रखती हैं।








