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सतारा के कराड क्षेत्र के पास एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जब एक प्राइवेट बस पुल/ब्रिज से नीचे लगभग 20–20 फीट गहरी खाई में गिर गई। इस बस में नाशिक के B P Patil Junior College के छात्र-छात्राएँ सवार थे। शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, बस कोकण की सहल से लौट रही थी और जैसे ही पुल पार कर रही थी, चालक के अनुसार बस का नियंत्रण अचानक टूट गया। इसके बाद वाहन सीधे नीचे खाई में जा गिरा।
हादसे की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस तुरंत मौके पर पहुंचे। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने बताया कि इस हादसे में कुल मिलाकर लगभग 30–32 छात्र घायल हुए हैं, हालांकि कुछ रिपोर्ट्स में यह संख्या 42 तक बताई जा रही है। इनमें से कम‑से‑कम 4–5 छात्रों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
घायल छात्रों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। सबसे अधिक गंभीर स्थिति वाले छात्रों को कराड के कृष्णा हॉस्पिटल में प्राथमिक इलाज के लिए लाया गया। डॉक्टरों का कहना है कि घायलों में कई छात्रों की हालत स्थिर है, लेकिन कुछ की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है और उन्हें उच्च स्तरीय देखभाल की आवश्यकता है।
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस ने दुर्घटना स्थल को सील किया और राहत और बचाव कार्य शुरू किया। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि पुल/ब्रिज के नीचे निर्माणाधीन हिस्से के पास बस अचानक नियंत्रण खो बैठी और गहरी खाई में जा गिरी। पुलिस और प्रशासन ने बस के सवार छात्रों के परिवारों को सूचित किया और सहायता के लिए अधिकारी लगातार संपर्क में हैं।
स्थानीय नागरिकों और छात्र परिवारों ने हादसे की खबर सुनकर मौके पर पहुंचकर मदद की। प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन में नजदीकी एनडीआरएफ और स्थानीय आपदा प्रबंधन टीमों की मदद ली। पुल/ब्रिज पर सुरक्षा और मार्गदर्शन के लिए सतर्कता बढ़ा दी गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सड़क हादसों की बढ़ती संख्या और निर्माणाधीन पुल/ब्रिज पर वाहन संचालन की जटिलताएँ अक्सर इस तरह की दुर्घटनाओं का कारण बनती हैं। अधिकारियों ने सार्वजनिक रूप से वाहन चालकों को सलाह दी है कि वे तेज़ गति और जोखिम भरे मार्गों पर विशेष सतर्कता बरतें।
सतारा (कराड के पास) में हुए इस प्राइवेट बस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और निर्माणाधीन पुल/ब्रिज पर सतर्कता की आवश्यकता को उजागर किया है। नाशिक के छात्रों की घायल होने की खबर ने परिवारों और समाज में चिंता पैदा कर दी है। प्रशासन और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से कई छात्रों की जान बचाई जा सकी। राहत और बचाव कार्य अभी भी जारी हैं और सभी घायलों को सुरक्षित इलाज मुहैया कराया जा रहा है।








