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  • Praja Foundation ने जारी किया नागरिक मैनिफेस्टो, 2025–2030 के लिए सशक्त नागरिक भागीदारी का रोडमैप

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    मुंबई में Praja Foundation ने हाल ही में अपने नए नागरिक-मैनिफेस्टो का सार्वजनिक विमोचन किया। यह मैनिफेस्टो मुख्य रूप से स्थानीय निकायों में रिक्त पदों को भरने, प्रशासनिक प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने और नागरिकों की भागीदारी को मजबूती देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। संगठन का कहना है कि यह पहल नागरिकों को केवल चुनावी समय तक सीमित न रहकर पूरे पांच साल के कार्यकाल में उनकी आवाज़ सुनने का अवसर प्रदान करेगी।

    Praja Foundation के प्रवक्ता ने बताया कि मैनिफेस्टो 2025–2030 तक की साझेदारी योजनाओं और सुधारात्मक कदमों को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। इसमें बेहतर सिविल सेवाएँ, डेटा-आधारित निगरानी, और नागरिकों को सीधे जुड़ने के अवसर शामिल हैं। उनका कहना है कि यह पहल नागरिकों को निर्णय प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल करने और शासन की जिम्मेदारी को अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    मैनिफेस्टो में स्थानीय निकायों में रिक्त पदों की पहचान और उन्हें भरने की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी गई है। Praja Foundation का मानना है कि स्थानीय स्तर पर यदि रिक्तियों को समय पर भरा जाए और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बनी रहे, तो सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार संभव है। इसके अलावा, नागरिकों को सरकारी योजनाओं और नीतियों की निगरानी में शामिल करना संगठन की रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

    इस पहल के तहत, Praja Foundation ने डेटा-संचालित निर्णय लेने के मॉडल को लागू करने की योजना बनाई है। इसका उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों की गति और गुणवत्ता दोनों में सुधार करना है। संगठन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि नागरिकों की राय और फीडबैक सीधे नीति निर्धारण और परियोजना निष्पादन में प्रभाव डाल सके। मैनिफेस्टो में डिजिटल प्लेटफॉर्म, मोबाइल एप्लिकेशन और नियमित सार्वजनिक संवाद जैसे उपायों का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे नागरिकों को शासन में जुड़ने का अधिक अवसर मिल सके।

    Praja Foundation ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य सिर्फ सुझाव देना नहीं है, बल्कि एक सशक्त नागरिक संरचना तैयार करना है, जिसमें नागरिकों की भागीदारी नियमित और सार्थक हो। संगठन का मानना है कि यदि नागरिक और प्रशासन एक सशक्त साझेदारी के माध्यम से कार्य करें, तो स्थानीय सरकारें अधिक प्रभावी, पारदर्शी और उत्तरदायी बन सकती हैं।

    समाज और नीति-निर्माता दोनों के लिए यह मैनिफेस्टो महत्वपूर्ण है क्योंकि यह केवल चुनाव के समय वोट मांगने तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे कार्यकाल में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए एक स्थायी मार्गदर्शन प्रदान करता है। Praja Foundation के प्रतिनिधियों का कहना है कि मैनिफेस्टो के माध्यम से नागरिकों को न केवल सरकारी योजनाओं और परियोजनाओं के बारे में जानकारी मिलेगी, बल्कि उन्हें सरकार के निर्णयों में सीधे योगदान देने का अवसर भी मिलेगा।

    इस प्रकार, Praja Foundation का नया नागरिक-मैनिफेस्टो न केवल स्थानीय शासन में सुधार लाने का प्रयास है, बल्कि यह नागरिकों के लिए सशक्त और जागरूक भागीदारी का प्रतीक भी बन रहा है। आने वाले वर्षों में यह पहल यह दिखाएगी कि कैसे संगठन और नागरिक मिलकर स्थानीय प्रशासन और नीति निर्माण में वास्तविक बदलाव ला सकते हैं।

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